कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा की खुशियां शनिवार को अचानक मातम में बदल गईं। मां दुर्गा के दर्शन करने और पंडाल की खूबसूरती देखने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच ऐसा हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
देखते ही देखते पूजा पंडाल में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस घटना के बाद पंडाल में भीड़ को संभालने के इंतजामों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासकर अंदर आने-जाने के रास्तों और वहां मौजूद स्वयंसेवकों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने दावा किया है कि पंडाल में हुई एक घोषणा के बाद लोग अचानक घबरा गए थे। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
👉दुर्गा पूजा पंडाल में 19 लोगों की मौत
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को हुए हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पंडाल देखने पहुंचे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना को लेकर पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को संभालने के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
👉क्या एक अनाउंसमेंट से मची भगदड़ ?

हादसे के समय पंडाल में मौजूद एक महिला ने दावा किया कि भीड़ बढ़ने के बाद वहां अचानक एक घोषणा की गई थी। इसमें कहा गया था कि ज्यादा भीड़ होने के कारण पंडाल गिर सकता है। महिला के मुताबिक, यह सुनते ही लोग डर गए और जल्दी बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान भगदड़ जैसे हालात बन गए। हालांकि, महिला के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
👉छोटे गेट और घुमावदार रास्ते पर सवाल
प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि पंडाल में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए बनाए गए गेट काफी छोटे थे। इसके अलावा अंदर का रास्ता घुमावदार यानी स्पाइरल आकार का था। उनका कहना है कि भीड़ बढ़ने पर लोगों को बाहर निकलने में परेशानी होने लगी। एक साथ बड़ी संख्या में लोग बाहर की ओर बढ़े, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
महिला ने पंडाल में भीड़ को संभालने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वहां बच्चों को स्वयंसेवक बनाया गया था, लेकिन भीड़ में मौजूद लोग उनकी बात नहीं सुन रहे थे।
👉पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे की जांच के सिलसिले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पंडाल की व्यवस्था और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
👉आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू
हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल और उसके आसपास के इलाकों में भीड़ जमा होने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा उत्तर और मध्य कोलकाता के आसपास के कुछ इलाकों में भी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNNS) की धारा 163 लागू की गई है। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी दूसरी अप्रिय घटना को रोकना है।
👉मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस दर्दनाक घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को हादसे की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए कहा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुआवजे की राशि का उल्लेख नहीं किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंडाल में भीड़ अचानक क्यों बढ़ी, बाहर निकलने के रास्तों की व्यवस्था कैसी थी और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
