बड़ी खबर 💥 कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ा हादसा , पंडाल ढहने से मची भगदड़, 17 की मौत, 35 घायल ,मची चीख पुकार …

कोलकाता। कोलकाता में दुर्गा पूजा की सप्तमी की शाम चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे.
इसी दौरान बाहर हो रही तेज बारिश के बीच पंडाल में अफरा-तफरी मच गई. घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंच गए हैं. दुर्घटना में 17 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 35 लोग घायल हैं.

पूजा आयोजकों का कहना है कि पूजा पंडाल में भीड़ उमड़ रही थी. इस दौरान बारिश होने लगी और बारिश की वजह से लोग पंडाल में घुसने लगे. इस दौरान ही यह दुर्घटना घटी. यह दुर्घटना करीब शाम साढ़े सात बजे घटी. दुर्घटना में 4 -5 लोगों के घायल होने की सूचना है.

बता दें कि सप्तमी की शाम को मां दुर्गा के दर्शन के लिए मंडप में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि तिल रखने की जगह नहीं थी. हादसा शायद मंडप का कोई हिस्सा या स्ट्रक्चर गिरने से हुआ होगा. इस अचानक हुई घटना से पल भर में दहशत फैल गई.

👉मंडप का एक हिस्सा गिरने से हुई दुर्घटना

एक दर्शनार्थी ने कहा, मैंने सुना कि मंडप का एक हिस्सा गिर गया था. सब लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे. वे गिर रहे थे, और कुचले गए. वहीं, अन्य दर्शनार्थी का कहना है कि भारी भीड़ थी. बारिश के दौरान लोग बचने के लिए मंडप में घुसने लगे और इसी दौरान भारी भीड़ बढ़ गई और ज्यादा लोग एक साथ घुसने से भगदड़ मच गई.

लोकल रहने वालों और विज़िटर्स ने यहां भीड़ कंट्रोल के इंतजाम पर भी सवाल उठाए हैं. स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि यहां हजारों वॉलंटियर और पुलिस थी. लेकिन पहले कोई कदम नहीं उठाया गया. इतनी बड़ी घटना हो रही है. हम इसे अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस की एक गाड़ी वहां खड़ी थी, पुलिस ने कुछ नहीं किया. हम लोकल लोगों ने किया. पूजा कमिटी का कोई भी आदमी नहीं दिखा. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इतनी बड़ी पूजा के लिए वहां कोई एम्बुलेंस नहीं थी.

👉पूजा कमेटी पर लापरवाही का आरोप

आस-पड़ोस के लोगों की पार्क की हुई कारों को भी हटा दिया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर वे कारें वहां होतीं, तो कम से कम 10 लोगों को बचाया जा सकता था. व्यवस्था सिर्फ़ VIP और मेहमानों के लिए की गई है. आम लोगों के लिए नहीं.

चोरबागान मंडप में पंडाल के बाद, एक गोले जैसा ‘ऊंचा गलियारा’ है. मंडप से बाहर निकलने के लिए वहां से 360 डिग्री घूमना पड़ता है. शुरू में बताया गया है कि हादसा उसी कॉरिडोर में हुआ था.

चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति की 2026 की थीम ‘अरवा’ है. इंग्लिश में इसे ‘बियॉन्ड साउंड’ कहते हैं. इस पूजा पंडाल को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही थी.

👉ममता बनर्जी ने दुर्घटना पर जताया दुख

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्घटना पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. मैं माँ दुर्गा से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायल लोग जल्दी ठीक हों और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत और शक्ति मिले.

राज्यपाल रवि ने दुर्घटना पर दुख जताया है. उन्होंने लिखा,कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में कीमती जानें जाने से बहुत दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में दुखी परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. दूसरी ओर,पश्चिम बंगाल सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की है, जिसका नंबर 18003455678 है.