कोलकाता। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। राज्य सरकार ने उन्हें सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों विभाग का सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया है। खास बात यह है कि इस पद के साथ मिथुन चक्रवर्ती को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
सरकार की ओर से बुधवार, 7 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में उनकी नियुक्ति की जानकारी दी गई। यानी मिथुन चक्रवर्ती कैबिनेट मंत्री के रूप में कोई नियमित मंत्रालय नहीं संभालेंगे, बल्कि सलाहकार की भूमिका में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त करेंगे।
👉क्या मिला मिथुन चक्रवर्ती को पद?

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सांस्कृतिक सलाहकार बनाया गया है। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा दिया गया है।
सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग राज्य में संस्कृति, फिल्म, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को देखता है। मिथुन की भूमिका का विस्तृत दायरा आगे स्पष्ट किया जाएगा।
👉पहले ही हो चुकी थी नियुक्ति की घोषणा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मिथुन चक्रवर्ती को सरकार का सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने की घोषणा की थी। यह घोषणा बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशती से जुड़े कार्यक्रम के दौरान की गई थी।
सरकार की ओर से नियुक्ति का कारण मिथुन चक्रवर्ती का बंगाली सिनेमा में लंबे समय का योगदान और बंगाल की सांस्कृतिक दुनिया से उनका जुड़ाव बताया गया है।
👉2021 में BJP में शामिल हुए थे मिथुन
मिथुन चक्रवर्ती ने मार्च 2021 में भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद वे पार्टी के चुनाव अभियानों में स्टार प्रचारक के तौर पर सक्रिय रहे।
इससे पहले फरवरी 2014 में वे तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। दिसंबर 2016 में उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
👉बंगाल की राजनीति में भी सक्रिय रहे
भाजपा में शामिल होने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने पार्टी के विभिन्न चुनाव अभियानों में प्रचार किया। हालांकि 2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनके मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर अटकलें भी चली थीं, लेकिन उन्हें चुनावों में मुख्य रूप से स्टार प्रचारक के तौर पर देखा गया।
अब पश्चिम बंगाल सरकार में सांस्कृतिक सलाहकार की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी सार्वजनिक और प्रशासनिक भूमिका का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उनकी नियुक्ति के साथ उन्हें दिया गया कैबिनेट मंत्री का दर्जा इस फैसले की प्रमुख विशेषता है।
