CG : स्टील प्लांट में 1600 डिग्री 1600 डिग्री का पिघला लोहा ठेकेदार पर गिरा ,आग की लपटों में घिरा दिखा व्यक्ति ,इलाज के दौरान मौत …

दुर्ग । जिले में स्टील प्लांट के भीतर एक दर्दनाक हादसे में ठेकेदार की मौत हो गई। बोरई-रसमड़ा स्थित जेडी स्टील प्लांट में काम के दौरान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव के शरीर पर गिर गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा सीढ़ियों से नीचे भागता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

जानकारी के मुताबिक घटना 17 अक्टूबर की देर रात की है। संतोष कुमार श्रीवास्तव जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। बताया जा रहा है कि टिंडिस मशीन के एक हिस्से का नोजल अचानक नीचे आ गया। इससे मशीन में मौजूद पिघला हुआ लोहा उनके शरीर पर गिर पड़ा और वह गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद संतोष कुमार श्रीवास्तव को चिंताजनक हालत में इलाज के लिए भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मृतक संतोष कुमार श्रीवास्तव बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद उनके शव का 18 अक्टूबर को पोस्टमार्टम कराया गया और फिर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव बिहार ले गए। हादसे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति आग की लपटों से घिरा हुआ सीढ़ियों से नीचे भागता नजर आ रहा है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। हालांकि, वायरल वीडियो घटना का ही है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वीडियो के आधार पर हादसे के पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

👉पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच

दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि प्लांट में एक मजदूर की जलने से मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मशीन का नोजल अचानक नीचे कैसे आया और हादसे के समय प्लांट में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि घटना के लिए किसी तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी लापरवाही की भूमिका थी या नहीं। इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और संभावित जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।