CG : उद्घाटन से पहले ही रायपुर – विशाखापत्तनम भारतमाता में दरारें ! ₹ 4146 करोड़ की परियोजना की गुणवत्ता पर उठे सवाल , NHAI ने जारी किया नोटिस …

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांकेर जिले में सरगी और बासनवाही के बीच मौलीपारा के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और दरारें दिखाई देने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि हाईवे का उद्घाटन अभी होना बाकी है, लेकिन उससे पहले ही सड़क में दरारें मिलने से निर्माण कार्य और गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया है।

👉₹4,146 करोड़ की परियोजना, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। राज्य में लगभग 125 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण पर करीब 4,146 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में उद्घाटन से पहले ही सड़क पर दरारें आने की खबर ने परियोजना की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद NHAI की टीम प्रभावित हिस्से का निरीक्षण करने पहुंची। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी गई है, लेकिन दरारें आने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता और संभावित तकनीकी खामियों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।

👉दिल्ली से पहुंची टीम, सड़क के नमूनों की जांच

मामले की पड़ताल के लिए NHAI के दिल्ली मुख्यालय से अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। सड़क की अलग-अलग परतों से नमूने लिए गए हैं, ताकि निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच की जा सके। सड़क की गुणवत्ता परखने के लिए 15 तरह के तकनीकी परीक्षण प्रस्तावित हैं। इसके अलावा नमूनों की जांच राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला के माध्यम से भी कराई गई है।

जांच में सड़क की मोटाई, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि दरारें निर्माण संबंधी कमी के कारण आईं या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

👉निर्माण एजेंसी को नोटिस, निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में

NHAI ने संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया है। विभागीय जांच के साथ स्वतंत्र तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। इस मामले में केवल सड़क पर दरारें आने की वजह जानना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी जरूरी है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया में किसी संभावित कमी का पता क्यों नहीं चला। यदि जांच में निर्माण संबंधी खामी सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय करने का सवाल भी उठेगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है और किसी तकनीकी लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

👉गांवों के किसानों ने भी बताईं आवागमन की समस्याएं

हाईवे निर्माण के बीच आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मालवीपारा पंचायत के किसानों के मुताबिक, निर्माण कार्य के कारण उनके खेतों तक पहुंचने वाले पुराने रास्ते प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान पर्याप्त वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं।
ऐसे में परियोजना की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के साथ स्थानीय किसानों की शिकायतों पर भी ध्यान देना जरूरी है, ताकि सड़क निर्माण के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही और खेती से जुड़े काम प्रभावित न हों।

👉जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जवाबदेही

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर शमशेर सिंह के मुताबिक, प्रभावित हिस्से से नमूने लिए गए हैं और विभागीय तथा स्वतंत्र जांच कराई जा रही है। उनके अनुसार, जांच रिपोर्ट से दरारें आने की वजह और निर्माण में तकनीकी मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी गई है, लेकिन उद्घाटन से पहले सड़क पर दरारें आने के मामले ने करोड़ों रुपये की इस परियोजना की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि इसके पीछे क्या कारण रहे और किसी कमी की पुष्टि होने पर जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाएगी।