CG : बस्तर के इस एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) में साल भर तक जिम्मेदार अफसर झांकने तक नहीं पहुंचे ,RTI से हुआ खुलासा,करोड़ों का आबंटन देकर निगरानी को भूला विभाग,फंड की पारदर्शिता ,जवाबदेहिता को लेकर उठे सवाल !

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज कांकेर । दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) नई दिल्ली प्रवर्तित एवं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति द्वारा
प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में सतत निगरानी नहीं रखी जा रही । बस्तर संभाग के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के नरहरहपुर ब्लॉक में संचालित कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुरही में बीते वित्तीय वर्ष में पूरे साल भर जिम्मेदार अफसर विद्यालय में निगरानी के नाम पर झांकने तक नहीं पहुंचे। सूचना के अधिकार के तहत विद्यालय के प्राचार्य के द्वारा दी गई इस जानकारी ने व्यवस्था पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। 400 बच्चों के शिक्षा ,भोजन , उपचार, शैक्षणिक सामाग्री एवं दैनिक आवश्यकता की सामाग्रियों के लिए करोड़ों रुपए के प्राप्त आबंटन राशि में क्रय की गई सामाग्रियों की गुणवत्ता,पारदर्शिता को लेकर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे ।

यहाँ बताना होगा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) नई दिल्ली प्रवर्तित एवं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति द्वारा
प्रदेश में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। संचालन का उद्देश्य दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इसके लिए आयुक्त/ पदेन सचिव छ.ग. राज्य आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति (भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित) द्वारा मेस संचालन ,विद्यालय संचालन सह शैक्षणिक गतिविधियों के लिए प्रतिवर्ष मदवार करोड़ों रुपए का आबंटन प्रदान किया जाता है। लेकिन बस्तर संभाग के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 400 बच्चों के शिक्षा ,भोजन , उपचार, शैक्षणिक सामाग्री एवं दैनिक आवश्यकता की सामाग्रियों के लिए करोड़ों रुपए के प्राप्त आबंटन राशि में क्रय की गई सामाग्रियों की गुणवत्ता,पारदर्शिता सवालों के घेरे में हैं। जी हां उत्तर बस्तर कांकेर जिले के नरहरपुर ब्लॉक के कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुरही से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों ने इसकी आशंका बढ़ा दी है।

👉यह जानकारी मांगी गई थी

दरअसल सूचना के अधिकार के तहत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के जनसूचना अधिकारी से वित्तीय वर्ष 2025 -26 में विद्यालय में किए गए निरीक्षण पंजी /रजिस्टर की सत्यप्रतिलिपि मांगी गई थी।

👉मिला यह चौकाने वाला जवाब ,उठे सवाल !

विद्यालय के प्राचार्य ने 14 अक्टूबर 2026 को प्रेषित पत्र व्यवहार में उल्लेख किया है कि सत्र 2025 -26 में विद्यालय में एक बार भी निरीक्षण नहीं हुआ है,इस वजह से जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं ।प्राचार्य द्वारा प्रेषित इस जवाब ने विभाग और विभागीय अधिकारियों को ही कटघरे में ला खड़ा किया है। बिना निगरानी व्यवस्था ,निरीक्षण के यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि करोड़ों के फंड का मितव्ययितापूर्ण उपयोग की गई होगी।

👉तो क्या सहायक आयुक्त समेत जिम्मेदार अफसरों पर गिरेगी गाज !

एक पूरे सत्र तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुरही का जिम्मेदार अफसरों कलेक्टर,सहायक आयुक्त,एसडीएम आदि अफसरों का निरीक्षण नहीं होना घोर प्रशासनिक लापरवाही ,निष्क्रियता उदासीनता को दर्शाता है। जवाबदेहिता ,फंड की पारदर्शिता ,निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे। जिला खनिज न्यास के स्वीकृत कार्यों में अनियमितता को लेकर कांकेर सहायक आयुक्त की कार्यशैली के विरूद्ध राज्यपाल ,मुख्यमंत्री के समक्ष सीधी शिकायत भी की जा चुकी है। लेकिन जांच आदेश उपरांत आज पर्यन्त जांच ही आगे नहीं बढ़ी।

👉पूरे बस्तर संभाग में संचालित विद्यालयों के जांच की दरकार

यहाँ बात एक एकलव्य आदर्श विद्यालय सुरही की ही नहीं हो रही ,पूरे प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय,विशेषकर बस्तर संभाग में आबंटन ,व्यय से जुड़े अभिलेख संधारित नहीं होने की जानकारी विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से प्राप्त हो रही है। जिसकी तत्काल पारदर्शी जांच की दरकार है।

👉छुरी ,शिवनगर में हो चुका है प्रदर्शन

गौरतलब हो कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में बुनियादी आवश्यकताओं की कमी ,मेस के संचालन में व्याप्त भ्रष्टाचार ,मनमाना मीनू चलाने शिक्षकों की कमी आदि समस्याओं को लेकर हाल ही के महीनों में कोरबा जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरी ,एवं सरगुजा के शिवपुर में छात्र सड़क पर आकर प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसमें स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो प्रदेश में विशेषकर बस्तर संभाग में बच्चों के लिए पर्याप्त फंड दिए जाने के बावजूद बच्चों को मेस में औसत दर्जे का भोजन देकर लाखों रुपए का वारा न्यारा किया जा रहा ।ऐसे में निगरानी की जिम्मेदारी दोहरी हो जाती है।