KORBA : कार्यकर्ताओं को ₹30 हजार ,सहायिकाओं को ₹25,500 मासिक मानदेय ,नियमितीकरण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्यकर्ता सहायिकाओं ने रैली निकाल ,मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन…

कोरबा। छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा विभागीय सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है।

संयुक्त मंच ने ज्ञापन में कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन और केंद्रों के नियमित संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और पर्याप्त मानदेय से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। मंच का कहना है कि विभागीय जिम्मेदारियों के अतिरिक्त अन्य कार्यों का भार मिलने से नियमित कामकाज भी प्रभावित होता है।

👉ये हैं प्रमुख मांगें

  1. नियमितीकरण और मानदेय में वृद्धि: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई है। नियमितीकरण होने तक श्रम कानूनों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को ₹30,000 और सहायिकाओं को ₹25,500 प्रतिमाह मानदेय देने की मांग रखी गई है।
  2. पदोन्नति का अवसर: कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत करने की मांग की गई है। इसके लिए उम्र संबंधी बाध्यता समाप्त करने की बात भी कही गई है।
  3. सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं: कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी तथा भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
  4. मृत्यु और सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायता: आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ताओं को ₹5 लाख और सहायिकाओं को ₹3 लाख की राशि तत्काल प्रदान करने की मांग की गई है।
  5. प्रतिवर्ष मानदेय वृद्धि: मध्यप्रदेश की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष ₹1,000 की वृद्धि करने की मांग की गई है।

👉शासन से शीघ्र निराकरण की अपेक्षा

संयुक्त मंच ने शासन से सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उचित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा तथा बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलने से वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी।
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, छत्तीसगढ़ महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका कल्याण संघ, प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, संघर्षशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका यूनियन तथा सशक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ से जुड़ी प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का उल्लेख किया गया है। कोरबा जिले की ओर से भी इन मांगों के निराकरण की अपेक्षा जताई गई है।