KORBA : केबल फॉल्ट से प्रशांति वृद्धाश्रम की बिजली गुल, पानी की आपूर्ति पर भी संकट ….

कोरबा। कोरबा के प्रशांति वृद्धाश्रम में रहने वाले 28 बुजुर्गों को मंगलवार की रात बिजली के बिना गुजारनी पड़ सकती है। मंगलवार शाम केबल में फॉल्ट आने से वृद्धाश्रम की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुधार कार्य का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बिजली बंद होने से न केवल बुजुर्गों और कर्मचारियों को अंधेरे में रहने की समस्या का सामना करना पड़ेगा, बल्कि पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है। इस स्थिति ने वृद्धाश्रम के बिजली कनेक्शन को अलग करने में हो रही देरी का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है।

प्रशांति वृद्धाश्रम को एसईसीएल की कुसमुंडा खदान से बिजली की आपूर्ति होती है। इसी वृद्धाश्रम के भवन में लगे केबल से समाज कल्याण विभाग, जिला कोरबा द्वारा संचालित स्नेह सदन वृद्धाश्रम को भी बिजली दी जा रही है। संस्था का आरोप है कि स्नेह सदन में बिजली की खपत अधिक होने के कारण केबल पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, जिससे बार-बार फॉल्ट की स्थिति बनती है। लो वोल्टेज के कारण बिजली के उपकरण खराब होते हैं। शार्ट सर्किक का खतरा बना रहता है। बताया गया है कि मरम्मत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल तो हो जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही समस्या सामने आ जाती है। बिजली बंद होने से पानी की मोटर नहीं चल पाती, जिसके कारण दोनों वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नवदृष्टि समाजसेवी संस्था के अनुसार, स्नेह सदन वृद्धाश्रम का संचालन शुरू किए जाने के दौरान 15 दिनों के भीतर उसका बिजली कनेक्शन अलग करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी अलग कनेक्शन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। संस्था का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना को छह बार लिखित आवेदन देकर अलग बिजली कनेक्शन की मांग की जा चुकी है। इसके अलावा मौखिक रूप से भी कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संस्था ने सवाल उठाया है कि स्नेह सदन वृद्धाश्रम के लिए अलग बिजली व्यवस्था करने के उद्देश्य से बजट में प्रावधान होने के बावजूद कनेक्शन अलग करने की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई। संस्था के अनुसार, स्नेह सदन के संचालन के लिए जिला कोरबा के समाज कल्याण विभाग को जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) सहित अन्य मदों से पर्याप्त राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके विपरीत, नवदृष्टि समाजसेवी संस्था का दावा है कि प्रशांति वृद्धाश्रम का संचालन पिछले 21 वर्षों से बिना किसी सरकारी अथवा गैर-सरकारी अनुदान के किया जा रहा है। संस्था अपने संसाधनों और समय-समय पर मिलने वाले जनसहयोग के सहारे बुजुर्गों की देखभाल कर रही है। नवदृष्टि समाजसेवी संस्था ने बताया कि 14 अक्टूबर 2026 को समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना को सौंपे गए पत्र में 15 दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन अलग करने की मांग की गई थी। निर्धारित अवधि में समाधान नहीं होने पर संस्था ने कानूनी कार्रवाई करने और आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। संस्था का आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बिजली कनेक्शन अलग करने की दिशा में गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जा रही है। फिलहाल, केबल में फॉल्ट के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रशांति वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के सामने तत्काल परेशानी खड़ी हो गई है। स्थायी समाधान के लिए अलग बिजली कनेक्शन की मांग अब भी लंबित है। सवाल यह है कि आखिर बुजुर्गों को बार-बार होने वाली इस परेशानी से राहत कब मिलेगी?