CG : बेटे के साथ सरकारी रायफल से फायरिंग पड़ा भारी ,मोहला-मानपुर के SP वायपी सिंह को पुलिस मुख्यालय का नोटिस,

मोहला-मानपुर छत्तीसगढ़ में शस्त्र पूजा के दौरान सरकारी हथियार से फायरिंग को लेकर पुलिस विभाग में एक बार फिर मामला गरमा गया है। राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा के बाद अब मोहला-मानपुर के पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह को भी पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने नोटिस जारी किया है। दशहरा के दिन शस्त्र पूजा के बाद वायपी सिंह का अपने बेटे के साथ सरकारी रायफल से फायरिंग करते हुए फोटो और वीडियो सामने आया था।

👉एक सप्ताह में दूसरा नोटिस

पुलिस मुख्यालय की ओर से एक सप्ताह के भीतर एसपी को नोटिस जारी किए जाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले राजनांदगांव की एसपी अंकिता शर्मा ने शस्त्र पूजा के बाद AK-47 से फायरिंग की थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। इस मामले में एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने भी फायरिंग के तरीके पर आपत्ति जताते हुए इसे खतरनाक बताया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने अंकिता शर्मा को नोटिस जारी किया था।

👉बेटे के हाथ में सरकारी रायफल होने पर उठे सवाल

वायपी सिंह से जुड़े फोटो और वीडियो में उनके बेटे को भी सरकारी रायफल से फायरिंग करते हुए देखा गया। इस मामले में सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठे कि सरकारी हथियार बेटे के हाथ में कैसे पहुंचा। हालांकि, पुलिस विभाग के एक वर्ग का दावा है कि बेटे के फायरिंग वाला वीडियो पिछले साल का है। इसके बावजूद सरकारी हथियार के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

👉विधायक की मांग और भूपेश बघेल का तंज

इस मामले को लेकर मोहला-मानपुर के विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ पुलिस में यह क्या हो रहा है, जहां पिता-पुत्र सरकारी रायफल चलाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने वायपी सिंह को नोटिस जारी किया।

👉जवाब मिलने के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। अधिकारी के मुताबिक, एसपी वायपी सिंह से जवाब मांगा गया है और उनका पक्ष मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इस बार पुलिस मुख्यालय ने नोटिस के बाद मीडिया में तत्काल बयान जारी करने से परहेज किया है।

👉कौन हैं वायपी सिंह?

वायपी सिंह पहले सीमा सुरक्षा बल (BSF) में अधिकारी थे। नक्सल गतिविधियों के दौर में BSF की एक बटालियन राजनांदगांव में तैनात थी, उसी दौरान उनकी पोस्टिंग वहां हुई थी। कुछ वर्षों बाद राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं लेकर उन्हें राज्य पुलिस सेवा में शामिल कर लिया। बाद में उन्हें IPS अवार्ड हुआ। IPS बनने से पहले भी वे लंबे समय तक मोहला-मानपुर क्षेत्र में पदस्थ रहे और वर्तमान में इसी जिले के पुलिस अधीक्षक हैं।