0 कोरबा के हरिकृष्णा केयर अस्पताल पर भी गिरी गाज
रायपुर /कोरबा प्रखर । आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के 16 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर करते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इस सूची में कोरबा का हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल भी शामिल है। वहीं, शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज और रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े संस्थानों पर भी कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में 19 अस्पतालों में से 16 में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने इन अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा पर रोक लगा दी है। जांच में केवल तीन अस्पतालों को राहत मिली है, जिनमें बिलासपुर का मेहता चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी हॉस्पिटल शामिल हैं।
👉3 साल तक आयुष्मान योजना से रहेंगे बाहर

जांच में सामने आई गंभीर खामियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पांच प्रमुख अस्पतालों को तीन साल तक योजना से बाहर रखने का निर्णय लिया है। इनमें श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भिलाई, श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज रायपुर, वरदान हॉस्पिटल, अनंत साईं हॉस्पिटल और श्रीनिवास हॉस्पिटल शामिल हैं। बताया गया है कि नियमानुसार आदेश हर साल नए सिरे से जारी किए जाएंगे।
आयुष्मान योजना से बाहर किए गए 16 अस्पतालों की पूरी सूची
- श्री अनंत साईं हॉस्पिटल — रायपुर
- पल्स हॉस्पिटल — दुर्ग
- नेताम हॉस्पिटल — कोंडागांव
- हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल — कोरबा
- स्वामी चंद्रशेखरानंद हॉस्पिटल — बस्तर
- एसके केयर हॉस्पिटल — रायपुर
- जय जगन्नाथ हेल्थ केयर — कबीरधाम (कवर्धा)
- अशोक प्रसूति मंदिर — बिलासपुर
- केयर एंड केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल — बिलासपुर
- श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज — भिलाई (दुर्ग)
- महावीर हॉस्पिटल — रायपुर
- श्रीनिवास हॉस्पिटल — रायपुर
- वरदान हॉस्पिटल — रायपुर
- सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस — रायपुर
- हेरिटेज हॉस्पिटल — रायपुर
- श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल — रायपुर
👉मरीजों के लिए क्या है इसका मतलब?
इस कार्रवाई के बाद संबंधित अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत नए मरीजों का उपचार और योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं प्रदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे में आयुष्मान कार्डधारियों को उपचार कराने से पहले अस्पताल की वर्तमान सूचीबद्धता की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को आयुष्मान योजना में पारदर्शिता और मरीजों के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
