0 यात्री बसों में सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
बालोद । छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सोमवार रात एक बड़ा बस हादसा टल गया। राजनांदगांव से बालोद आ रही यात्रियों से भरी सुपर आनंद ट्रेवल्स की बस में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि बस के अंदर बड़े पैमाने पर कार्टन में पटाखे रखे थे, जिसमें आग लगते ही पटाखे फूटने लगे। और आग तेजी से भड़क गयी। इस घटना के दौरान बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बस के हेल्पर की आवाज सुनकर सभी यात्री बस से नीचे उतर कर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री को चोट नहीं आई।

जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार रात करीब 8 बजे ग्राम मालीघोरी में नवोदय विद्यालय और कोल्ड स्टोरेज के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, 50 सीटर बस क्रमांक CG 08 4455 राजनांदगांव से बालोद की ओर जा रही थी। इसी दौरान ड्राइवर के पास से धुआं निकलने लगा। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि बस की डिक्की और यात्रियों की सीटों के बीच कार्टून में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे हुए थे। इनकी कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। आग पटाखों तक पहुंचते ही स्काई शॉट, अनार और रॉकेट जैसे पटाखे फूटने लगे।
धमाकों की आवाज करीब आधे घंटे तक सुनाई देती रही। पटाखों के फूटने से आग और ज्यादा भयावह हो गई। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। सभी लोग किसी तरह बस से बाहर निकले। यात्रियों के बैग और अन्य सामान बस के अंदर ही जलकर खाक हो गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा के मुताबिक, बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। हालांकि, उनका सामान जल गया है। नुकसान का आकलन जांच के बाद किया जाएगा। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
इस घटना ने यात्री बसों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों को लेकर चल रही बस में एक लाख रुपये से अधिक कीमत के पटाखे कैसे रखे गए? डिक्की के साथ यात्रियों की सीटों के बीच ज्वलनशील सामग्री ले जाने की अनुमति किसने दी? बस की जांच के दौरान यह बात सामने क्यों नहीं आई? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे। यात्री बसों में ज्वलनशील सामग्री का परिवहन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में इस घटना के बाद बसों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था और ज्वलनशील सामान के परिवहन की जांच की जरूरत भी सामने आई है।
