रायपुर। ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाने के बाद आज अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सौरभ चंद्राकर को आठ दिन की रिमांड पर भेजने की मंजूरी दे दी। अब CBI 12 नवंबर तक उससे पूछताछ करेगी। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
👉अदालत में गिरफ्तारी को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताया। बचाव पक्ष का कहना था कि CBI ने गिरफ्तारी से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए हैं और एजेंसी इस मामले में अलग-अलग रुख अपना रही है। वकील ने ED के तहत दर्ज PMLA मामले में गिरफ्तारी का भी जिक्र किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठ दिन की रिमांड मंजूर कर दी।
👉CBI दिल्ली में करेगी पूछताछ, ED ने भी मांगी कस्टडी
रिमांड मिलने के बाद CBI सौरभ चंद्राकर को दिल्ली ले जाकर पूछताछ कर सकती है। सुरक्षा कारणों से उसे दिल्ली में रखने और CCTV कैमरों की निगरानी में पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस बीच ED ने भी अदालत में सौरभ चंद्राकर की कस्टडी के लिए आवेदन पेश किया है।
सौरभ की गिरफ्तारी को मुख्यमंत्री ने बताया बड़ी सफलता
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूछताछ में मामले से जुड़े कई अहम खुलासे होंगे। गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी कहा कि ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े दोषियों को सजा दिलाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
👉दीपक बैज ने PMO कनेक्शन को लेकर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने महादेव सट्टा ऐप मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि ऐप का मालिक शुभम सोनी था और सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल उसके अधीन काम करते थे। बैज ने आरोप लगाया कि इस मामले के तार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े हैं और इसमें PMO के तीन लोगों के नाम सामने आए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
👉CBI से पूछा- क्या PMO के अधिकारियों से भी होगी पूछताछ?
दीपक बैज ने सवाल उठाया कि क्या CBI इस मामले में PMO के अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी? उन्होंने विकास गर्ग और प्रदीप मिश्रा का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या इन लोगों को सौरभ चंद्राकर के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। बैज ने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान 72 FIR और 500 से अधिक छापेमारी किए जाने का भी दावा किया। उन्होंने मौजूदा सरकार से पूछा कि पिछले 3 वर्षों में इस मामले में कितनी कार्रवाई हुई है
