रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर डीएड (D.Ed) अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सहायक शिक्षक के 2,300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 400 से अधिक अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करने की मांग की।

अभ्यर्थियों के अचानक मंत्री निवास पहुंचने से वहां हलचल मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हाथ-पैर पकड़कर उठाया और घसीटते हुए बसों तक पहुंचाया। इसके बाद सभी को बसों में बैठाकर नवा रायपुर के तूता धरना स्थल भेज दिया गया।
👉321 दिनों से कर रहे आंदोलन
डीएड अभ्यर्थी पिछले 321 दिनों से सहायक शिक्षक के 2,300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से संघर्ष करने के बावजूद सरकार की ओर से नियुक्ति को लेकर कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति की तारीख चाहिए।
👉परिवार और बच्चों के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारी
गुरुवार के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल रहे। कई अभ्यर्थी अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों के साथ मंत्री निवास पहुंचे थे। उनका कहना है कि नियुक्ति में देरी के कारण उनके परिवारों की आर्थिक और मानसिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
👉पहले भी अपना चुके हैं विरोध के अलग-अलग तरीके
नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी इससे पहले भी कई बार अनोखे और कड़े तरीके से विरोध जता चुके हैं। कभी घुटनों के बल चलकर प्रदर्शन किया तो कभी तूता धरना स्थल के पीछे स्थित तालाब में जल समाधि लेने का प्रयास किया। पूर्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के घायल होने और हिरासत में लिए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
फिलहाल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंत्री निवास से हटाकर तूता धरना स्थल पहुंचा दिया है। हालांकि, अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि सहायक शिक्षक के 2,300 पदों पर नियुक्ति की तारीख घोषित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सबकी नजरें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।नी
