अंर्तयामी चोर:देशी शराब भट्टी से पार कर दिए 2 लाख , संयोग या साजिश पुलिस कर रही जांच

अंर्तयामी चोर:देशी शराब भट्टी से पार कर दिए 2 लाख , संयोग या साजिश पुलिस कर रही जांच

कोरबा । जिले में एक अंतर्यामी चोर के हाथ 2 लाख रुपए से अधिक की रकम लगी है। पहली बार रखे गए रुपये की भनक उसे लग गयी और देशी भट्टी से यह रकम पार किया। शराब दुकान के मैनेजर से लेकर सेल्समैन की लापरवाही उजागर हो रही है। अब यह संयोग ही था या किसी साजिश का हिस्सा, यह तो पुलिस की जांच में उजागर होगा। वैसे खोजी डॉग बाघा ने कुछ अहम सुराग तो जरूर दे दिए हैं।

कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम धवईपुर निवासी दिलीप कुमार अनंत पिता विष्णु प्रसाद अनंत देशी मदिरा दुकान कटघोरा में सेल्समेन है। उसने बताया कि प्रतिदिन की तरह देशी मदिरा दुकान की बिक्री रकम दुकान के आलमारी के लॉकर में लॉक करके रखते थे। 12 मई को देशी मदिरा का कुल बिक्री रकम 2 लाख16 हजार 40 रूपये को देशी शराब दुकान के आलमारी के लॉकर में रखकर रात्रि 10:40 बजे दुकान का ताला बंद किये और सिक्युरिटी गार्ड अमीन मोहम्मद को दुकान का ताला चेक कराके दिलीप व जितेन्द्र कुमार अपने-अपने घर चले गये। 13 मई को अमीन मोहम्मद ने दिलीप को फोन किया। रिटर्न कॉल में अमीन मोहम्मद ने देशी मदिरा दुकान का ताला टूटा होना बताया। एफआईआर के मुताबिक रात 2 से 5 बजे के मध्य चोरी की गई। सूचना पर आबकारी निरीक्षक रमेश कुमार अग्रवाल एवं ईगल हंटर प्रा.लि. कंपनी के दुर्गेश कुमार साहू मौके पर पहुंचे। कटघोरा थाना प्रभारी नवीन कुमार देवांगन मातहतों के साथ घटनास्थल पहुंचे। हालातों को देखते हुए खोजी डॉग बाघा की भी मदद ली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघा ने अज्ञात चोरों के आने-जाने का रास्ता पुलिस को बताया है। चोर किसी वाहन से देशी भट्टी के पीछे खेत के रास्ते होते हुए पहुंचे, यहां अपना वहां खड़ा किया और भट्टी में चोरी के बाद वापस उसी रास्ते से लौट गए। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि देशी भट्ठी में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इसका केबल तार चोरों ने कट कर दिया वहीं डीवीआर उठाकर ले गए।इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह भी है कि चोर को इस बात का कैसे पता चल गया था कि देशी भट्ठी में उसी रात 2 लाख से अधिक की रकम रखी गई है। बताया गया कि अमूमन देशी भट्ठी के पास संचालित अंग्रेजी शराब दुकान में इससे पहले की बिक्री रकम हर दिन यहां के लॉकर में रखवा दी जाती थी और दूसरे दिन इसे जमा कराया जाता था। इसके विपरीत संयोग कहें या कुछ और कि देशी भट्ठी के मैनेजर ने 12 मई की रात बिक्री की कुल रकम अंग्रेजी दुकान में रखने की बजाय देशी भट्ठी के अलमारी के लॉकर में रख दिया था। चोर के लिए यह दिन जैकपॉट वाला साबित हुआ जिसने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और मामूली सी रखी गई अलमारी के हैंडल को खोला। अलमारी का हैंडल लॉक नहीं किया गया था इस वजह से चोर ने बड़ी ही आसानी से आलमारी खोल ली। चौकीदार के मुताबिक रात में कुत्ता भौंक रहा था तो उसने समझा कि अंधेरी रात में कुत्ते यूं ही भौंक रहे होंगे और अनदेखी कर दी अब इसे महज सहयोग कहें या साजिश!

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