कोरबा । एक तरफ जिले में रेत की किल्लत,मनमाने दर पर बिक्री से आमजन परेशान हैं तो वहीं जिले के सीतामणी सहित कुछ इलाके में रेत तस्करों के हौसले बुलंद हैं। इनमें दुरपा और बरमपुर भी प्रमुख हैं। यहां हसदेव नदी का सीना चीर कर धड़ल्ले से रेत का अवैध कारोबार चल रहा है। रेत के तस्करों ने जगह-जगह अवैध डंपिंग यार्ड बना रखा है।लोगों के मन मे यह सवाल कौंध रहा है कि अवैध कारोबार को आखिरकार किसका संरक्षण मिल रहा।


कभी-कभार की विभागीय कार्यवाही के बाद भी बेखौफ होकर रेत के अवैध कारोबार को धड़ल्ले से अंजाम दिया जा रहा है। नगर पालिक निगम कोरबा के दुरपा बस्ती अंतर्गत बरमपुर हसदेव नदी तट घाट से रेत तस्करों द्वारा हसदेव नदी का सीना चीर कर छलनी किया जा रहा है। बिना रेत घाट स्वीकृति के यहां से कई महीनों से लगातार तस्करों द्वारा कभी मशीनों एवं ट्रैक्टर, मिनी ट्रकों के द्वारा रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन बिना रॉयल्टी के किया जा रहा है।
प्रशासन को चकमा देने के लिए बिना नंबरों के एक ही कलर में दर्जनों ट्रैक्टर के जरिए दिन-रात रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है वहीं बस्ती के अंदर जगह-जगह रेत के अवैध डंपिंग यार्ड भी बनाए गए जहां से रात- दिन रेत की कालाबाजारी की जा रही है। इनके भार से मोहल्ले की सीसी रोड भी अवैध रेत परिवहन की भेंट चढ रही हैं। दिन-रात चल रहे अवैध रेत के ट्रैक्टरों से बस्ती की सड़कें उखड़ कर जर्जर हो गई हैं, लेकिन दबंग तस्करों के आगे बस्ती वाले इस अवैध रेत तस्करी का विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। ।लोगों के मन मे यह सवाल कौंध रहा है कि अवैध कारोबार को आखिरकार किसका संरक्षण मिल रहा।