बीजापुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से दो दिन पहले, नक्सलियों ने शांति वार्ता की पेशकश की है। सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय द्वारा जारी प्रेस नोट में सरकार से ‘ऑपरेशन कगार’ रोकने की अपील की गई है। नक्सलियों ने केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इस आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत आदिवासी समुदायों पर अत्याचार का आरोप लगाया है।

माओवादी संगठन का दावा है कि सरकार आदिवासी समुदायों के खिलाफ “नरसंहार युद्ध” चला रही है। उन्होंने बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों और छात्रों से सरकार पर शांति वार्ता के लिए दबाव बनाने का अनुरोध किया है। अगर सरकार उनकी शर्तें मानती है, तो नक्सली तुरंत संघर्ष विराम की घोषणा करेंगे। नक्सलियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ऑपरेशन रोकती है और सकारात्मक प्रतिक्रिया देती है, तो वे शांति वार्ता के लिए तैयार हैं।