एजुकेशन हब को मेडिकल कॉलेज बनाने शुरू हुआ जनआंदोलन

पश्चिम मेडिकल कालेज संघर्ष समिति के नेतृत्व में शहर में निकली रैली ,मांगे पूरी नहीं करने पर चुनाव बहिष्कार ,50 लोगों के आत्मदाह की दी गई चेतावनी

कोरबा । मेडिकल खोलने की घोषणा के बाद संचालित करने आड़े रहे बिल्डिंग को लेकर घमासान शुरू हो गया है। दर्री क्षेत्र के लोगो ने विशालकाय बिल्डिंग एजुकेशन हब में मेडिकल कॉलेज संचालित करने की मांग की है। वही सत्ता पक्ष के नेताओ ने एजुकेशन हब की दुरी सहित कई खामिया गिनाकर आनन फानन में भूमिपूजन की तारीख मुकर्रर की है।

सोमवार को कोरबा पश्चिम मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति ने संघर्ष रैली की तर्ज पर कतारबद्ध गाड़ियों का काफिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और एजुकेशन हब में मेडिकल कालेज संचालित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा है। ज्ञापन में माधयम से कहा गया है कि कोरबा पश्चिम स्थित सर्व सुविधा युक्त एजुकेशन हब परिसर, मेडिकल कॉलेज हेतु उपलब्ध है। एजुकेशन हब परिसर भौगोलिक रूप से कोरबा जिले के मध्य स्थित है, इस परिसर में मेडिकल कॉलेज खुलने का लाभ कोरबा पश्चिम के साथ साथ छुरी, कटघोरा, बांकी मोंगरा, बलगी इत्यादि सभी क्षेत्रो को मिलेगा जो फ़िलहाल इन सुविधाओं से वंचित है। ज्ञात हो इन क्षेत्रों में लाखों की संख्या में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी निवासरत हैं जो की पिछले कई वर्षों से अच्छी स्वास्थ्यसुविधाओं से वंचित हैं। इसी तरह एजुकेशन हब परिसर 300 करोड़ की लगत से बना हुआ सर्व सुविधा परिसर है, जिसमे हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर तथा मेस इत्यादि पूर्व निर्मित हैं। इस परिसर में मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ करने पर राज्य शासन के करोड़ों रुपयों की बचत होगी जिसका उपयोग जनहित के अन्य कार्यों में किया जा सकता है। एजुकेशन हब परिसर मेडिकल कॉलेज के लिए जरुरी अहर्ताओं को पूर्ण करता है। 28 अक्टूबर 2020 के भारत का राजपत्र के कंडिका क्रमांक 3 के अनुसार अस्पताल से कॉलेज की दुरी 10 किमी से कम या 30 मिनट से काम होनी चाहिए। एजुकेशन हब परिसर जिला अस्पताल से 13 किमी की दूरी पर है परन्तु ये दुरी 25 मिनट के भीतर पूरी की जा सकती है। ज्ञात हो की इस इस मार्ग का निर्माण कार्य 4 महीनो में पूर्ण हो जायेगा ततपश्चात यह दुरी 22 मिनटों में तय की जासकती है। रिसदी क्षेत्र जहाँ नया मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है उस के आस पास 100 बिस्तरों का सरकारी अस्पताल, ट्रामा सेंटर, ESIC का 100 बिस्तरों का अस्पताल एवं कोरबा जिले के 2 बड़े निजी अस्पताल संचालित हैं। अतः रिसदी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलना कोरबा जिले के बाकी लोगों के साथ अन्याय ही होगा।