KORBA : रात्रि मुकाम की सूचना न देना पड़ा भारी ,आरक्षक कोसले सस्पेंड , जानें मामला …

कोरबा । पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई का मामला सामने आया है। थाना करतला में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 528 विकास कोसले को गंभीर लापरवाही और सेवा आचरण के उल्लंघन के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मामला 31 दिसंबर 2025 का है, जब आरक्षक विकास कौसले को डाक वितरण के लिए कोरबा रवाना किया गया था। ड्यूटी के बाद 1 जनवरी 2026 को वह थाना करतला लौटा, लेकिन नियमों के मुताबिक रात्रि मुकाम की सूचना न तो थाने को दी और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया। हैरानी की बात यह रही कि बिना अनुमति और सूचना के वह पूरी रात गायब रहा।
जांच में सामने आया कि आरक्षक विभागीय नियमों और निर्देशों की पूरी जानकारी होने के बावजूद लापरवाही करता रहा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता माना है।

मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने आदेश जारी कर 4 जनवरी 2026 से आरक्षक विकास कोसले को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय रक्षित केंद्र कोरबा रहेगा और नियमानुसार उसे जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। साफ संदेश है कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासन तोड़ने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है।

👉 विधायक प्रतिनिधि द्वारा आरक्षक के साथ मारपीट का भी है मामला

जिस आरक्षक विकास कोसले को निलंबित किया गया है उस आरक्षक ने रामपुर विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि जय किशन पटेल के विरुद्ध रजगामार पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराया है। जय किशन पटेल ने भी आरक्षक विकास कोसले और उसके रिश्तेदार भाई राजेंद्र जांगड़े के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया है। घटना दिनांक 31 दिसंबर की रात लगभग 10 बजे जय किशन पटेल ने राजेंद्र के साथ ओमपुर मंच के पीछे मारपीट किया इसके बाद जब राजेंद्र जांगड़े अपने आरक्षक भाई विकास कोसले को साथ लेकर रजगामार चौकी में रिपोर्ट लिखाने पहुंचा तो वहां पर चौकी के अंदर जयकिशन पटेल ने विकास कोसले के साथ मारपीट की। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर अलग-अलग FIR दर्ज कर जय किशन पटेल को जेल दाखिल करा दिया गया है। वहीं, अब आरक्षक विकास कोसले अपने विभागीय अनुशासनहीनता के मामले में सस्पेंड किया गया है।