सरगुजा -अम्बिकापुर । जिले के केरजु धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। समिति प्रबंधक पर बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर 246 से अधिक किसानों के नाम पर फर्जी कागजातों के जरिए लगभग 3 करोड़ 46 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराने का गंभीर आरोप है।
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब धान बिक्री के बाद किसानों के बैंक खातों से अचानक रकम कटने लगी। पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार का ऋण आवेदन नहीं किया था और न ही बैंक या समिति में कोई दस्तावेज जमा किए गए थे। इसके बावजूद अलग-अलग किसानों के नाम पर 80 हजार रुपये से लेकर 7.21 लाख रुपये तक का ऋण दर्ज पाया गया। किसानों ने जब आपस में जानकारी साझा की और बैंक स्टेटमेंट तथा समिति के रिकॉर्ड की जांच कराई, तब बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुलीं। मामले को और संदिग्ध बनाता है यह तथ्य कि केरजु समिति के प्रबंधक ने करीब एक माह पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। किसानों का आशंका है कि उसी ने बड़ी संख्या में किसानों के नाम पर फर्जी लोन पास कर राशि का दुरुपयोग किया और मामला उजागर होने के डर से आत्महत्या कर ली।
हालांकि प्रबंधक की आत्महत्या के कारणों की जांच अब तक ठोस रूप से आगे नहीं बढ़ पाई है। किसानों ने बताया कि 14 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होने के बाद जिन किसानों ने शुरुआती दिनों में धान बेचा, उनके खातों में भुगतान आने के कुछ समय बाद कटौती शुरू हो गई थी। इस संबंध में समिति प्रबंधक से शिकायत भी की गई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
👉खरीदी तेज हुई ,खातों से पैसे कटे तब हुआ खुलासा
बाद में जब खरीदी दोबारा तेज हुई और फिर से खातों से पैसे कटे, तब किसानों ने केसीसी और बैंक विवरण निकलवाए, जिससे फर्जी ऋण का खुलासा हुआ। इस घोटाले में केवल अशिक्षित किसान ही नहीं, बल्कि शिक्षित किसान और पूर्व जनप्रतिनिधि भी इसकी चपेट में आए हैं। केरजु निवासी पटेल अजय सिंह के नाम पर करीब पांच लाख रुपये और ढोढागांव निवासी पूर्व जनपद सदस्य मोती भगत के नाम पर दो लाख रुपये का फर्जी ऋण दर्ज पाया गया है।
👉फर्जीवाड़ा उजागर होने पर पूर्व मंत्री के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे 7 गांव के 300 किसान

सात गांवों के लगभग 360 से अधिक किसान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और फूलसाय लकरा के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहुंचे। किसानों ने बिना ऋण लिए खातों से काटी गई राशि वापस कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर अजीत वसंत ने जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
