CG : 8 करोड़ के धान घोटाला मामले में नप गए खाद्य अधिकारी ,गिरी निलंबन की गाज ,जानें पूरा मामला ….

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां करीब 8 करोड़ रुपये की अनियमितता के बाद खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, धान खरीदी केंद्र प्रभारी और राइस मिलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा


जांच के दौरान यह पता चला कि लंबे समय से मिलरों और केंद्र प्रभारियों द्वारा धान खरीदी और उठाव में गड़बड़ियां की जा रही थीं। हालांकि, इन पर समय रहते निगरानी नहीं की गई, जिससे यह गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि धान खरीदी केंद्रों पर धान की गुणवत्ता और मात्रा की नियमित जांच नहीं की जा रही थी, जिससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिला।

👉खाद्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई

धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में मुंगेली जिले के खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल ने निलंबन का आदेश जारी किया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, खाद्य अधिकारी पर आरोप हैं कि उन्होंने धान खरीदी केंद्रों के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती, मिलरों द्वारा धान उठाव की समुचित निगरानी नहीं की, और धान परिवहन एवं उठाव की नियमित जांच में भारी चूक की।

👉सख्त कदम उठाने का निर्देश

राज्य शासन ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए यह निलंबन किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान हुलेश डड़सेना का मुख्यालय नवा रायपुर निर्धारित किया गया है।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और यह कदम यह साबित करता है कि राज्य सरकार सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सही निगरानी को लेकर गंभीर है। आरोपी अधिकारियों और मिलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह कदम उन पर भी नकेल कसने के लिए है जो ऐसी गड़बड़ियों को बढ़ावा देते हैं।