रायपुर। पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर वेस्ट जोन में सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने कबीरनगर थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू को निलंबित करते हुए लाइन अटैच कर दिया है। महिला विवेचक पर नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी पक्ष से लेन-देन कर पीड़ित परिवार को परेशान करने के गंभीर आरोप लगे थे।
शिकायत मिलने के बाद की गई प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई। कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद यह पहली निलंबन और लाइन अटैच की कार्रवाई मानी जा रही है।

निलंबन आदेश में उल्लेख है कि बीएनएस की धारा 137(2), 67, 64(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत दर्ज मामले की विवेचना के दौरान प्रधान आरक्षक क्रमांक 1507 चंद्रकला साहू का आचरण संदिग्ध और स्वेच्छाचारी पाया गया। इसे पुलिस आचरण नियमों के विपरीत मानते हुए उन्हें रक्षित केंद्र संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
👉अवैध वसूली की शिकायत पर सिपाही लाइन अटैच
इधर, गंज थाना क्षेत्र में छोटे कारोबारियों से मारपीट और अवैध वसूली की शिकायत को लेकर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष थाने पहुंचे। आरोप है कि थाने में पदस्थ सिपाही केशव सिन्हा ने कारोबारियों से गाली-गलौज की, सामान जब्त किया और लॉकअप में बंद करने की धमकी देकर अवैध वसूली की। मामला पुलिस कमिश्नर तक पहुंचते ही त्वरित संज्ञान लिया गया। एडिशनल डीसीपी ने सिपाही केशव सिन्हा को थाने से हटाकर लाइन अटैच किए जाने की पुष्टि की है।
👉डीसीपी संदीप पटेल का बयान
डीसीपी वेस्ट संदीप पटेल ने बताया कि 16–17 वर्षीय नाबालिग के अपहरण मामले की जांच के दौरान दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शिकायत में आरोप थे कि महिला जांच अधिकारी ने पीड़िता का बयान लेते समय आरोपी का पक्ष लिया और लेन-देन किया। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए निलंबन के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
