नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में BNP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। देश में करीब बीस साल बाद BNP की सरकार बनने जा रही है। जनता ने कट्टरपंथी विचारधारा को नकारते हुए विकास के पक्ष में मतदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में जीत की बधाई दी है।
👉तारिक रहमान की बड़ी जीत

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार BNP ने अब तक 151 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है।
BNP प्रमुख बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने बोगरा सीट से बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने बोगरा में 2,16,284 वोट हासिल किए और अपनी लोकप्रियता का लोहा देश में मनवाया है। रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों ही महत्वपूर्ण सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया है।
BNP ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि सत्ता मिलने पर तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अवामी लीग के समर्थकों से भी समर्थन देने की अपील की थी। रुझानों से पता चलता है कि अवामी लीग के पारंपरिक वोट भी BNP को मिले हैं।
👉 जमात का खराब प्रदर्शन
कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरती हुई दिखाई दे रही है। रुझानों के मुताबिक जमात ने अब तक 43 सीटों पर बढ़त बनाई है जो काफी कम है। जनता ने कट्टरपंथी गठबंधन को दरकिनार कर BNP पर अपना पूरा भरोसा जताया है।
देश की जनता ने कट्टरपंथियों की जमात को पूरी तरह से नकारने का फैसला किया है। भारत विरोधी रवैया रखने वाली जमात-ए-इस्लामी का 11 दलों का गठजोड़ BNP से हार गया है। देश में करीब 20 साल बाद खालिदा जिया की पार्टी सत्ता में आ रही है।
👉PM मोदी ने तारिक रहमान को दी ऐतिहासिक जीत की बधाई, कहा- लोकतांत्रिक बांग्लादेश के सपोर्ट में खड़ा रहेगा भारत:PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में जीत की बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बांग्लादेश में हुए पार्लियामेंट्री चुनावों में Bangladesh Nationalist Party (BNP) को बड़ी जीत दिलाने के लिए वह तारिक रहमान को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता का उनके नेतृत्व पर विश्वास दर्शाती है।
👉संवैधानिक सुधारों का समर्थन
चुनावों के साथ ही देश में संवैधानिक सुधारों को लेकर एक जनमत संग्रह भी कराया गया था। इसमें दो तिहाई मतदाताओं ने सुधारों के पक्ष में अपनी राय दी और बदलाव का समर्थन किया। अंतरिम प्रशासन ने इन सुधारों को भविष्य की शासन व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया है।
अधिकारियों के अनुसार इन सुधारों का मुख्य मकसद शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव लाना है। इसके जरिए देश के संस्थागत ढांचे को और भी अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा। मतदाताओं ने इस एजेंडे को अपना समर्थन देकर बदलाव की राह प्रशस्त कर दी है।
