भुवनेश्वर/कटक,। ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Odisha Vigilance ने खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कटक सर्कल में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस के पद पर तैनात देबब्रत मोहंती को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
👉ट्रैप में पकड़े गए अधिकारी
विजिलेंस के अनुसार, मोहंती ने एक लाइसेंसधारी कोयला व्यवसायी से उसके कोल डिपो को सुचारू रूप से संचालित करने और कोयले के परिवहन की अनुमति देने के बदले 30,000 रुपये की मांग की थी। मंगलवार को टीम ने जाल बिछाकर उन्हें रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया। पूरी रिश्वत राशि मौके से बरामद कर जब्त कर ली गई। इस मामले में 23 फरवरी 2026 को भुवनेश्वर विजिलेंस थाना में केस नंबर 01 दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला कायम किया गया है।
👉एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी

उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद, विजिलेंस ने तीन जगहों पर एक साथ छापे मारे, जिसमें भुवनेश्वर में उनके फ्लैट, भद्रक जिले के मथासाही में उनके पुश्तैनी घर और कटक स्थित उनके ऑफिस रूम शामिल है। भुवनेश्वर के पटिया स्थित श्री विहार इलाके के नेचर्स क्रेस्ट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 302 से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किया गया। यह रकम ट्रॉली बैग और अलमारियों में छिपाकर रखी गई थी। फिलहाल नकदी की गिनती जारी है ताकि सटीक राशि का निर्धारण किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, यह ओडिशा विजिलेंस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी नकद जब्ती मानी जा रही है।
👉अन्य संपत्तियों का भी खुलासा
मोहंती के कार्यालय के ड्रॉअर और व्यक्तिगत तलाशी से 1.20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जांच के दौरान भुवनेश्वर के पहाला क्षेत्र में लगभग 2400 वर्गफुट में निर्मित दो मंजिला आलीशान मकान और करीब 130 ग्राम सोना होने की जानकारी भी सामने आई है विजिलेंस की तलाशी और संपत्ति की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे और अघोषित संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।
👉प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस कार्रवाई को ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और सख्त पहल (Corrupt Mining Officer) के रूप में देखा जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।
