कोरबा-हरदीबाजार। एसईसीएल की दीपका परियोजना में कार्यरत निजी कंपनी के.सी.सी. (KCC) के अधिकारियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों से नौकरी के नाम पर ठगी करने के साथ मारपीट और जातिगत अपमान के मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है।
हरदीबाजार पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत और उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।
👉घटना का विवरण

शिकायतकर्ता मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर निवासी हरदीबाजार ने आरोप लगाया है कि उन्हें के.सी.सी. कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर चपरासी रामप्रताप पटेल ने 70,000 की वसूली की थी।25 फरवरी 2026 को जब पीड़ित अपना बकाया पैसा वापस मांगने कंपनी कार्यालय पहुंचे तो वहाँ मौजूद मैनेजर विकास दुबे, रामप्रताप पटेल और सहायक रवि सिंह ने पैसे लौटाने की बजाय पीड़ितों के साथ अभद्रता की। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें जातिगत गालियां देकर अपमानित किया गया और बेरहमी से मारपीट कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया ।
👉कानूनी कार्यवाही FIR दर्ज
प्रशासनिक दबाव और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है:-
BNS धारा 318(2):- धोखाधड़ी पैसे लेकर नौकरी न देना ।
BNS धारा 115(2) व 296:- स्वेच्छा से चोट पहुँचाना और अश्लील गाली-गलौज ।
BNS धारा 3(5):- सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना
SC/ST एक्ट धारा 3(1)(ध):- सार्वजनिक रूप से जातिगत अपमान और प्रताड़ना ।
👉मैनेजर विकास दुबे का विवादित इतिहास
हैरानी की बात यह है कि आरोपी मैनेजर विकास दुबे के विरुद्ध पूर्व में भी 26 से अधिक शिकायतें पुलिस अधीक्षक कार्यालय और स्थानीय थानों में लंबित हैं। भू-विस्थापितों और ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के संरक्षण के कारण अब तक इन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है ग्रामीणों ने मांग की है कि पुरानी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए ।
👉पीड़ितों की मांग
हम गरीब और अनुसूचित वर्ग के लोग हैं हमारी जमीनें SECL ने ली हैं। हमें हक मिलना चाहिए था लेकिन यहाँ रसूखदार हमें लूट रहे हैं और अपमानित कर रहे हैं। हमारी मांग है कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
