CG : मिडिल ईस्ट तनाव एवं युद्ध से महंगाई की मार ,50000 करोड़ के निर्माण कार्यों पर ब्रेक लगने के आसार ,प्रदेश भर के ठेकेदार हलाकान ,छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन की 10 को अहम बैठक,मिलेंगे सरकार से…..

रायपुर/कोरबा। मिडिल ईस्ट ईरान- इजरायल और अमेरिका के मध्य चले आ रहे (करीब 40 दिन) लंबे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तो असर पड़ ही रहा है, भारत में भी इसका व्यापक असर अब देखने को मिलने लगा है। महंगाई की मार थोड़ी-थोड़ी कर जनता पर बढ़ रही है और ऐसी आशंका लोगों के मन में व्याप्त है कि राज्यों के चुनाव निपटने के बाद महंगाई एकाएक सिर चढ़कर बोलेगी। दूसरी तरफ महंगाई की वजह से निर्माण सामग्रियों की कीमतें बढ़ने लगी हैं वहीं कच्चे तेल पर आधारित निर्माण सामग्रियों के भी दाम बेतहाशा बढ़ने के कारण इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विभिन्न निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग सकता है।

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेश शुक्ला ने एक चर्चा में बताया कि जारी युद्ध के कारण क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की लगातार कमी बनी हुई है, यह महंगा भी होने लगा है। भारत में इसकी कमी की वजह से निर्माण कार्यों पर भारी असर पड़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है। क्रूड ऑयल याने कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण इससे निर्मित होने वाले सामानों की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है। क्रूड ऑयल की सप्लाई नहीं हो रही है। इससे जितने भी बाय प्रोडक्ट बनते हैं उनकी उपलब्धता भी अब कम होने लगी है।

👉 डामर के कीमतों में लगी आग

उन्होंने बताया कि डामर जो पहले 45000 रुपए प्रति टन मिला करता था अब उसकी कीमत 84 हजार रुपए प्रति टन हो गई है। टाईल्स मिल नहीं रहा, गिट्टी मिल नहीं रही। डीजल के दाम बढ़ने से दिक्कत और बढ़ेगी तथा महंगाई भी तेजी से बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ही लगभग 50,000 करोड़ के विभिन्न विभागों में निर्माण कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों पर व्यापक असर पड़ने के साथ ब्रेक भी लग सकता है क्योंकि जिन दरों पर अनुबंध हुआ है, उन दरों में ठेकेदार काम करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं। यदि युद्ध रुक गया, तो भी बर्बाद हो चुकी रिफाइनरी को सुधार करने में 6 महीने से साल भर का समय लग सकता है। निश्चित ही ऐसी स्थिति में भी महंगाई बढ़ना तय है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो बिकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। छोटे-बड़े हर स्तर के ठेकेदार विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं। समय सीमा में काम नहीं करने पर उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाता है तो ऐसे में बड़ा संकट उनके ऊपर भी उत्पन्न होगा।

👉 10 अप्रैल को कोर कमेटी की बैठक

प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि आगामी 10 अप्रैल को संगठन के कोर कमेटी की बैठक रायपुर में रखी गई है। इस बैठक में लिए गए निर्णय से सरकार को अवगत कराने के लिए सरकार के साथ एक बैठक रखी जाएगी।

👉 की जा रही यह मांग

प्रमुख रूप से मांग की जा रही है कि जिन दरों पर ठेकेदारों को (अनुबंध) काम प्राप्त हुआ है, उन दरों का पुनरीक्षण करना आवश्यक है। समय अवधि की वृद्धि सरकार को करना चाहिए। जीएसटी दिया जाना चाहिए। कार्य अवधि की समय सीमा बढ़ाया जाना निहायत जरूरी है ताकि ठेकेदारों पर ब्लैक लिस्टिंग होने का खतरा न रहे।

सोर्स -सत्यसंवाद डॉट कॉम