BIHAR : बेतिया का पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर निकला धनकुबेर ,जांच में इतनी बेनामी संपत्ति पकड़ाई ,बेख़ौफ़ रिश्वत लेकर सैलरी से 295% अधिक संपत्ति बनाई …

बिहार । बिहार के बेतिया के पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर ( SDO) रौशन कुमार की संपत्ति उनकी सरकारी सैलरी से 295 प्रतिशत अधिक है। इससे रिश्वत लेने के आरोप में जेल में बंद रौशन कुमार की मुसीबत और बढ़ गई है। उनके खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने आय से अधिक संपत्ति का दूसरा केस दर्ज कर लिया है। पुलिस को उनके बेतिया स्थित घर से 42.500 लाख रुपए मिले हैं। रंगेहाथ रिश्वत में 5 लाख रुपए और स्मार्ट वॉच लेते हुए एसवीयू टीम ने उन्हें 1 मार्च को पकड़ा था।

उस वक्त इन पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत पहला केस दर्ज किया गया था। रौशन पटना के बेउर जेल में बंद हैं। एडीजी पंकज कुमार दाराद ने नई एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।

👉अब तक 11.60 लाख ही सैलरी

रौशन कुमार की असिस्टेंट इंजीनियर की नौकरी स्थायी नहीं थी। शिक्षा विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर बहाली हुई थी। बेतिया के जिला शिक्षा परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में तैनात थे। उनकी सैलरी सिर्फ 40 हजार रुपए थी। एसवीयू के अनुसार अक्टूबर 2023 में नौकरी लगने के बाद से गिरफ्तार किए जाने तक 29 महीने रौशन ने काम किया। कुल सैलरी 11 लाख 60 हजार रुपए रही।
इसमें से 3 लाख 86 हजार 666 रुपए खर्च किए।

👉कुल बचत 7 लाख 73 हजार 334 रुपए रही

इसके बावजूद जब जांच एजेंसी की टीम ने इनके बेतिया स्थित घर पर छापेमारी की थी, तब एक कार्टून से 42 लाख 500 रुपए बरामद हुए थे। इस आधार पर एसवीयू ने 34 लाख 27 हजार 166 रुपए आय से अधिक संपत्ति का नया केस 8 अप्रैल को दर्ज किया। यह रौशन की आमदनी से 295 प्रतिशत अधिक है।

👉कनेक्शन खंगालने के लिए रिमांड पर लेगी एसवीयू टीम

काली कमाई के मामले में रौशन अकेले नहीं है। जांच एजेंसी को पूरी आशंका है कि रौशन के पास से मिली काली कमाई के 42 लाख 500 रुपए का बंटवारा कई लोगों में होना था। अब एसवीयू इसकी पूरी जांच और कनेक्शन को खंगालने की तैयारी में है। इसके लिए रौशन को रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी। जांच एजेंसी द्वाास जल्द स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में अपील कर 3-4 दिनों की रिमांड मांगी जाएगी।

👉लखीसराय का रहने वाला

36 साल का रौशन कुमार मूल रूप से लखीसराय के सूर्यगढ़ा का रहने वाला है। पिता राजकिशोर सिंह है। रौशन ने बीटेक करने के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल की प्राइवेट कंपनियों में लंबे वक्त तक काम किया है। शुरुआती सैलरी केवल 25 हजार रुपए थी।

सोर्स :npg.news