KORBA : उधार लेकर मुकरना पड़ा भारी, चेक बाउंस के दो मामलों में न्याय का कड़ा वार,अभियुक्त को एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास,अधिवक्ता धनेश सिंह की प्रभावी पैरवी से मिला न्याय

🚨 ⚖️ भरोसे का दुरुपयोग पड़ा भारी ,जमानत भी नहीं बचा पाई दोनों मामलों में दोषी अभियुक्त को एक-एक वर्ष की सजा

कोरबा । माननीय न्यायालय, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोरबा की माननीय न्यायाधीश श्रीमती कुमुदनी गर्ग द्वारा परिवाद प्रकरण क्रमांक 972/2021 एवं 977/2021 में पारित आदेशों के तहत अभियुक्त रामप्रवेश सिंह (प्रो. रचना ट्रेडिंग कंपनी) को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए दंडित किया गया है।

प्रकरण के अनुसार अभियुक्त एवं परिवादी हरिशंकर अग्रवाल आपस में पूर्व परिचित व्यवसायी थे। अभियुक्त द्वारा इस परिचय का लाभ उठाते हुए अलग-अलग समय पर धनराशि उधार ली गई।
प्रकरण क्रमांक 972/2021 में अभियुक्त ने अपने माता-पिता के इलाज हेतु वर्ष 2017 में कुल ₹5,00,000/- उधार लिए थे।
उक्त उधार राशि को लौटाने के लिए अभियुक्त द्वारा परिवादी के पक्ष में केनरा बैंक, शाखा कोरबा का चेक क्रमांक 827810 दिनांक 16.12.2020 राशि ₹5,00,000/- जारी किया गया।
जब परिवादी द्वारा उक्त चेक को बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक “Funds Insufficient” के कारण अनादरित (बाउंस) हो गया।
परिवादी द्वारा विधिक नोटिस भेजे जाने के बावजूद भी अभियुक्त द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे विवश होकर परिवादी को न्यायालय की शरण लेनी पडी़
इसी प्रकार अन्य प्रकरण क्रमांक 977/2021 में भी अभियुक्त द्वारा उधार ली गई राशि के एवज में चेक जारी किया गया, जो अपर्याप्त निधि के कारण अनादरित हो गया।
माननीय न्यायालय ने दोनों मामलों में अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही, अभियुक्त की ओर से पूर्व में प्रस्तुत जमानत बांड को भी निरस्त कर दिया गया है।
उक्त प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता धनेश सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।