KORBA : कोहड़िया स्थित आवास के 18 कमरें अवैध वसूली का मुख्यालय , भाई-भतीजा और OSD चेंबर खोलकर बैठे हुए हैं – जयसिंह अग्रवाल , पूर्व राजस्व मंत्री ने मंत्री श्री देवांगन को घेरा ,प्रेसवार्ता में लगाए गंभीर आरोप ,बढ़ा सियासी पारा …..

कोरबा । कोरबा की सियासत में रेत, कोयला और कबाड़ ये तीनों शब्द अब सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के स्थायी किरदार बन चुके हैं। ऐसे में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन पर एक बार फिर ऐसा सियासी तीर छोड़ा है, जिसने पूरे जिले का सियासी पारा बढ़ा दिया है। आरोप सीधा है अवैध कारोबार से “वसूली का नेटवर्क” और उसका कथित “मुख्यालय”। मीडिया के एक सवाल पर पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मंत्री देवांगन का कोहड़िया स्थित आवास के 18 कमरें अवैध वसूली का मुख्यालय है, जहां मंत्री के भाई-भतीजा और ओएसडी चेंबर खोलकर बैठे हुए है।

दरअसल सोमवार को पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कांग्रेस कार्यालय में संसंद में पेश महिला आरक्षण के मुद्दे पर पत्रकार वार्ता ले रहे थे। पत्रकारवार्ता के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जिले में होने वाली हर तरह की अवैध वसूली, चाहे वह कोयला हो, डीजल हो या रेत, सबकी डोर एक ही जगह से हिलती है। और वह जगह है कोहड़िया का वह घर, जिसे उन्होंने इशारों-इशारों में वसूली का कंट्रोल रूम बता दिया।

जयसिंह अग्रवाल यहीं नहीं रूके उन्होने मंत्री लखनलाल देवांगन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई कौशल देवांगन पूरे जिले में रेत के कारोबार को कंट्रोल कर रहे है। यहीं वजह है कि मंत्री के भाई की दबंगई की वजह से दूसरे बीजेपी के नेता रेत की सप्लाई नहीं कर पा रहे है। उन्होने आरोप लगाया कि मंत्री के कोहड़िया स्थित 18 कमरों वाले भवन में उनके भाई-भतीजा और ओएसडी चेंबर खोलकर बैठे हुए है। वहीं जयसिंह अग्रवाल के के इस गंभीर आरोप पर बीजेपी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। लेकिन ये माना जा रहा है कि इस पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद जिले के साथ ही सूबे की राजनीति गरमायेगी।

मंत्री के भाई-भतीजा और उसके साथियों के पास क्या है, अभी बता दूंगा !


पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मंत्री लखनलाल देवांगन के उस बयान पर पलटवार कियाए जिसमें उन्होने कहा था कि उनके और उनके भाई.भतीजा के पास न तो ट्रेक्टर है और ना ही ट्रेलर हैए ऐसे में क्या वो अपने मूड़ सिर में बालू ढोयेंगे ? मंत्री देवांगन के इस बयान पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होने कहा कि….मंत्रीजी के भाई-भतीजा और उसके साथ घुमने वाले लोगों के पास क्या-क्या है, मुझे सब मालूम है, आप बोलेंगे तो सारी जानकारी सामने रख दूेंगा।

जयसिंह अग्रवाल यहीं नहीं रूके उन्होने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कोरबा में पदस्थ रहे एसपी-कलेक्टर का नाम लेते हुए कहा कि…..उनके कार्यकाल में भी जमकर कोयला और रेत की तस्करी कर अवैध वसूली की गयी, तो क्या उस वक्त एसपी.कलेक्टर ने रेत और कोयला परिवहन के लिए ट्रेलर खरीदी था ? जयसिंह अग्रवाल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर ही सवाल उठाते हुए कह दिया कि उस वक्त भी अधिकारियों के संरक्षण में खुलेआम कोयला, डीजल और रेत की चोरी हुई। और वहीं काम अभी भी राजनीतिक संरक्षण में चल रहा हैए जिसका पूरा नियंत्रण कोहड़िया के निवास से चल रहा है।

राजनीतिक संरक्षण में जारी है अवैध कारोबार, अफसर लाचार !
जयसिंह अग्रवाल के इस बयान ने एक बार फिर सूबे की राजनीति के साथ ही प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। आपको बता दे बात मौजूदा भाजपा सरकार की हो या फिर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की। हर समय जिले में चलने वाले अवैध कारोबार पर किसी ने किसी राजनीतिक दल का संरक्षण रहा है। मौजूदा वक्त में भी रेत माफिया हसदेव नदी का सीना चीरकर दिन-रात अवैध रेत का खनन और परिवहन कर रहे है। बावजूद इसके खनिज विभाग की कार्रवाई उंट के मुंह मेें जीरा के समान है।

अफसरों से जब इस अवैध कारोबार की जानकारी ली जाती है, तो वे भी दबीं जुबान राजनीतिक संरक्षण की लाचारी बताते नजर आते है। अफसरों की माने तो जब भी टीम अवैध खनन और परिवहन पर एक्शन लेती है, अधिकांश मामलों में राजनेता या उनके करीबियों का फोन आ जाता है और गाड़ी को तत्काल छोड़ने का प्रेशर बनाया जाता है। यहीं वजह है कि आज भी प्रशासनिक सख्ती के बावजूद खनन माफिया धड़ल्ले से अवैध कारोबार को संचालित कर रहे है। और राजनेता सिर्फ और सिर्फ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटे हुए है।

सोर्स -nwnews24.com