CG :संचालक महिला एवं बाल विकास को CM सचिवालय के आदेशों की नहीं है परवाह ,रसोईया के अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर हाउस फादर के पद पर सेवारत अभ्यर्थी की जांच लटकाई, बने ढाल, कार्यशैली पर उठे सवाल ?जानें पूरा मामला ….

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज जगदलपुर ।सुशासन का दावा करने वाली साय सरकार में मुख्यमंत्री सचिवालय का ही आदेश नाफरमान नौकरशाहों की वजह से मजाक बनकर रह गया है। कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जगदलपुर ,जिला -बस्तर में
मिशन वात्सल्य योजनांतगर्त शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में भर्ती नियमों के विपरीत रसोईया का अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न कर हाउस फादर के पद चयनित सेवारत अभ्यर्थी किशन बघेल को तत्काल सेवा से पृथक कर प्रतिक्षारत सूची से योग्य अभ्यर्थी की नियुक्ति कर जिम्मदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने संबंधी मुख्यमंत्री कार्यालय के यहाँ प्रस्तुत दस्तावेजी शिकायत के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा संचालक संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर को प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई कर मुख्यमंत्री सचिवालय समेत आवेदक को अवगत कराने संबंधी दिए गए आदेशों की हवाइयाँ उड़ा दी गई है । प्रकरण में संचालक द्वारा आज पर्यन्त जांच नियमानुसार कार्रवाई न कर एक गैर जिम्मेदार लोकसेवक का परिचय दिया गया है। साथ ही संचालक पर अमान्य दस्तावेजों के जरिए सेवारत अभ्यर्थी की ढाल बनने के आरोप लग रहे।

यहां बताना होगा कि कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी महोदय जगदलपुर,जिला-बस्तर (छग) के यहाँ पत्र क्रमांक 8381 दिनांक 25 /02/2026 के माध्यम से कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदलपुर ,जिला -बस्तर (छ.ग.) के यहाँ हुई भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं को लेकर
दस्तावेजी लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी । पत्र के माध्यम से अवगत कराया था कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति संचालनालय महिला एवं बाल विकास नया रायपुर के निर्देशानुसार भारत शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वीकृत मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों एवं स्वीकृति अनुसार योजना के क्रियान्वयन हेतु शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं तथा किशोर न्याय बोर्ड / बालक कल्याण समिति के विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदलपुर ,जिला-बस्तर (छग) द्वारा पात्र आवेदकों से दिनांक 27/12/2024 तक आवेदन आमंत्रित किया गया था।
जिला बस्तर के शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में रिक्त पदों
परामर्शदाता
02 पद (01महिला), स्टोर कीपर सह लेखापाल 02 पद (01 महिला),हाउस फादर 01 पद, पैरामेडिकल स्टाफ 02 पद (01 पद महिला), पीटी इस्ट्रक्टर सह योग प्रशिक्षक 03 पद (01 पद महिला) एजुकेटर कला एवं क्राफ्ट सह संगीत शिक्षक रसोईया 01 पद , एवं सहायक सह रात्रि चौकीदार 01पद
02 पद (01 पद )महिला की भर्ती की गई है। महोदय शासकीय बाल देखरेख में रिक्त हाउस फादर, परामर्शदाता एवं स्टोर कीपर सह लेखापाल के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के द्वारा कूटरचित फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के जरिए उक्त पदों पर चयन का लाभ लिए जाने की विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई थी।

👉 रसोईया के अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर हाउस फादर के पद पर अयोग्य अभ्यर्थी का चयन

पत्र क्रमांक पत्र क्रमांक 2767 मबावि/सू.का.अधि./ 2025-26 दिनांक 01/02/2026 के अंतर्गत सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन में हाउस फादर के पद पर चयनित अभ्यर्थी किशन बघेल पिता कलधर बघेल के द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण पत्र चयनित पद के सर्वथा प्रतिकूल पाई गई है। भर्ती चयन शर्तों के अनुसार हाउस फादर के लिए अनुभव में शासकीय/अर्द्धशासकीय /अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी / शासन से अनुदान प्राप्त बाल देखरेख संस्थाओं एवं चाईल्ड लाईन/बालक कल्याण समिति के
अध्यक्ष/सदस्य/किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के रूप के रूप में बच्चों की देखभाल/संरक्षण/पुर्नवास/बाल कल्याण के क्षेत्र में कम से 02 वर्ष का कार्यानुभव होना चाहिए।

लेकिन चयनित अभ्यर्थी किशन बघेल द्वारा कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जगदलपुर ,जिला -बस्तर(छ.ग.) के यहाँ से रसोईया के पद पर जारी अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया गया है। कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदलपुर, जिला-बस्तर (छ०ग०)द्वारा जारी अनापत्ति सह अनुभव प्रमाण पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्री किशन बघेल पिता श्री कलधर बघेल का कार्यालयीन आदेश क्रमांक/1316/मबावि/सा०वि०/2016-17 जगदलपुर, दिनांक 28.07. 16 के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजना के तहत शासकीय प्लेस ऑफ सेफटी जगदलपुर में (छ.ग.)संविदा नियुक्त्ति के तहत रसोईया के पद पर दिनांक 28.07.2016 से आज (दिनांक 16 /12/2024 पर्यन्त कार्यरत हैं । इनका व्यवहार एवं आचरण अच्छा हैं। मैं इनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ , इसी अनुभव प्रमाण पत्र से 10 निर्णायक अंक प्राप्त कर अभ्यर्थी किशन बघेल द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची में प्रथम स्थान हासिल कर नियुक्ति हासिल की गई है।जबकि रसोईया का काम सिर्फ किचन तक सीमित रहता है। इस तरह इस महत्वपूर्ण पद के लिए न केवल निर्धारित अनुभव प्रमाण पत्र की अनदेखी करते हुए अभ्यर्थी श्री किशन बघेल की नियुक्ति कर प्रतीक्षारत सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया वरन शासन की महती योजना को भी भ्रष्टाचार रूपी दाग से कलंकित किया गया है।

👉निहित स्वार्थ की आड़ में जिम्मेदार अफसरों ने की नियमों की अनदेखी

स्पष्ट है कि जिम्मेदार चयन समिति के सदस्यों ने भर्ती नियमों की सर्वथा अनदेखी कर किसी निहित स्वार्थ की चाह में अमान्य अनुभव प्रमाण पत्रों के जरिए अयोग्य अभ्यर्थी का चयन किया है।
हाउस फादर जैसे महत्वपूर्ण पदों में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर चयन को देखते हुए अन्य 2 महत्वपूर्ण पद परामर्शदाता एवं स्टोर कीपर सह लेखापाल के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्रों की व्यापक लोकहित में जांच नितांत आवश्यक हो जाती है।

👉जून 2026 तक ही प्रतीक्षा सूची से की जा सकती है नियुक्ति , कलेक्टर कार्यालय ने की दस्तावेजी शिकायत की अनदेखी ,नीयत पर उठ रहे सवाल …

भर्ती नियमों के अनुसार उक्त पदों पर प्रतीक्षारत सूची से योग्य अभ्यर्थियों की भर्ती/नियुक्ति माह जून 2026 तक ही की जा सकती है। तदोपरांत इस पद पर नियुक्ति नहीं की जा सकती। जिसे मद्देनजर रखते हुए पत्र क्रमांक 8381 दिनांक 25 /02 /2026 के माध्यम से कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी महोदय ,जगदलपुर ,जिला -बस्तर (छ.ग.) के माध्यम से दस्तावेजी शिकायत प्रस्तुत कर कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदलपुर ,जिला -बस्तर के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजनांतगर्त शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में भर्ती नियमों के प्रतिकूल रसोईया का अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न कर हाउस फादर के पद पर चयनित कार्यरत अभ्यर्थी किशन बघेल को तत्काल सेवा से पृथक कर प्रतीक्षारत सूची से योग्य अभ्यर्थी की नियुक्ति करने ,शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में नियुक्त परामर्शदाता एवं स्टोरकीपर सह लेखापाल के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र की व्यापक लोकहित में अंतरविभागीय जांच समिति गठित कर परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन की प्रति पत्र व्यवहार के पते पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। जिसकी मियाद लगभग समाप्त होने के बावजूद प्रकरण में कार्रवाई नहीं की गई। पत्र क्रमांक 8382 दिनांक 25/03/2026 के माध्यम से स्मरण (ध्यानाकर्षण )पत्र प्रेषित कर पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह भीतर प्रकरण की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। जिसकी 30/03/2026 को पत्र प्राप्ति के बावजूद अनदेखी कर दी गई । जिला प्रशासन के संरक्षण से नीयत पर सवाल उठ रहे।

👉मुख्यमंत्री सचिवालय के जांच आदेश की संचालक ने की अनदेखी ,सचिवालय सख्त,
जिम्मदारों पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज

भर्ती प्रक्रिया में हुई इस अनियमितता एवं जिला प्रशासन के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में दस्तावेजी शिकायत की गई थी । पत्र क्रमांक 8405 दिनांक 09/04/2026 के माध्यम से की गई दस्तावेजी शिकायत पत्र के जरिए बस्तर जिला प्रशासन की कार्य शैली पर सवाल उठाया गया था। प्रकरण में 30 दिवस के भीतर कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगदलपुर ,जिला -बस्तर के अंतर्गत मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में भर्ती नियमों के प्रतिकूल रसोईया का अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न कर हाउस फादर के पद चयनित कार्यरत अभ्यर्थी श्री किशन बघेल को तत्काल सेवा से पृथक कर प्रतीक्षारत सूची से योग्य अभ्यर्थी की नियुक्ति करने ,शासकीय बाल देखरेख संस्थाओं में नियुक्त परामर्शदाता एवं स्टोरकीपर सह लेखापाल के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र की व्यापक लोकहित में अंतरविभागीय जांच समिति गठित कर परीक्षण कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई कर जांच
प्रतिवेदन की प्रति पत्र व्यवहार के पते पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था । ताकि शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति आम जनमानस में विश्वास की भावना बनी रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय ने शिकायत पर संजीदगी दिखाते हुए प्रकरण मुख्यमंत्री जनदर्शन में दर्ज कर संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग ,रायपुर को माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार संलग्न पत्र पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उक्त आदेशों की अनदेखी की दी गई । संचालक का यह रवैय्या न केवल एक जिम्मेदार लोक सेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्ययवहार है वरन शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति को भी कमजोर करने वाला कृत्य है। जिस पर मुख्यमंत्री सचिवालय कड़ा रूख अख्तियार कर सकता है। संचालनालय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को गुणवत्ताहीन साड़ी प्रदाय करने से लेकर मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदाय किए गए सामाग्रियों की गुणवत्ता मानक को लेकर वैसे भी सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार के प्रमाणित मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं होने से विभाग के जिम्मेदार अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठना या उठाना लाजिमी होगा।