CG : गौधाम केवल कागजों पर न बनें, उनका रख-रखाव सही तरीके से हो, चारा, पानी, पशु चिकित्सा और देखरेख के हों पुख्ता इंतजाम – हाईकोर्ट डिवीजन बेंच ने लिया स्वतः संज्ञानब, पशुधन विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का फरमान ,जानें इन मामलों में हाईकोर्ट ने लगाई फटकार ….

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ बिलासपुर के ग्राम लाखासार गौधाम में गायों की दुर्दशा से नाराज छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने पशुधन विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 14 मई की तिथि तय कर दी है। डिवीजन बेंच ने साफ कहा, गौधाम कागजों पर ना बनें, मौके पर पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

मीडिया में प्रकाशित खबर को स्वतः संज्ञान में लेते हुए हाई कोर्ट ने जनहति याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभकी है। सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने दो टूक कहा, सरकार यह सुनिश्चित करे, गौधाम केवल कागजों पर न बनें, उनका रख-रखाव सही तरीके से हो। मवेशियों के लिए चारा, पानी, पशु चिकित्सा और देखरेख के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि सार्वजनिक जगहों व सड़कों पर मानव जीवन को कोई खतरा न हो।

👉पढ़िए क्या है मामला?

मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ग्राम लाखासार में 25 एकड़ में फैले गौधाम की हकीकत सरकारी दावों के विपरीत है। गौधाम में अव्यवस्था का आलम है। 10X26 फीट के एक छोटे से कमरे में 205 से अधिक गायों को ठूंसकर रखा जा रहा है। मवेशियों के पास बैठने तक की जगह नहीं है। पशु चिकित्सकों के अनुसार एक मवेशी के लिए कम से कम 30-40 वर्गफुट ढंका हुआ क्षेत्र होना चाहिए, गौधाम में क्षमता से कई गुना अधिक गायों को रखने के कारण दम घुटने गंभीर खतरा भी बना हुआ है।

👉चारा ना पानी, लापरवाही की हद

गौधाम में जगह के अलावा चारा और पानी का भारी संकट है। पशुओं को चारा खिलाने के लिए बनाए गए कोटना पूरी तरह खाली मिला। चौकीदार के अनुसार 200 से अधिक मवेशियों के लिए दिन भर में जो पैरा मिल रहा है वह भी काफी कम है। 25 एकड़ के इस विशाल क्षेत्र की देखरेख का जिम्मा महज एक चौकीदार के हवाले कर दिया गया है। चौकीदार को 12 हजार रुपए मासिक वेतन पर 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है।

👉7 किमी में 150 मवेशी बैठे मिले

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सड़कों को मवेशी मुक्त करने का दावा भी यहां खोखला साबित हो रहा है।
गौधाम बनने के बावजूद सकरी से लाखासार के बीच महज 7 किलोमीटर के दायरे में 150 मवेशी सड़क पर बैठे मिले। स्थानीय लोगों का कहना है, गौधाम में केवल दान किए गए मवेशी रखे जा रहे हैं, जबकि आवारा घूमने वाले स्थानीय पशुओं को उनके मालिक वहां भेजने को तैयार नहीं हैं। वर्तमान में जिले में घुमंतु मवेशियों की संख्या 14 हजार से अधिक है।