CG : CM के गृह जिले में JJM में ‘हर घर छल’ !फर्जी हर घर जल सर्टिफिकेट जारी कर दिया ,पड़ताल में 5 पंचायतों में काम अधूरे ,भीषण गर्मी में जनता प्यासी, नहीं मिला जल, जनता की पुकार ,सुध लो साय सरकार ,देखें हसदेव एक्सप्रेस की ग्राउंड रिपोर्ट …..

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज जशपुर । हर घर नल हर घर जल के वादों के साथ शुरू की गई माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी( prime minister )की स्वप्नदर्शी योजना ( dream project )जल जीवन मिशन (JJM) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह जिले ( chaatisgarh chief minister’s home district ) जशपुर में भी विभागीय अफसरों ( departmental officers )ठेकेदारों (contractors ) स्थानीय जनप्रतिनिधियों (local public Representatives ) की जुगलबंदी(duet) से भ्रष्टाचार ( Corruption)की भेंट चढ़ गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (Public health engineering department ) और ठेकेदारों (contracters ) की मिलीभगत ( collusion) की वजह से 65 ग्राम पंचायतों ( village council ) में काम आधे अधूरे (half- done) होने के बाद भी फर्जी हर घर जल प्रमाणपत्र ( har ghar jal certificate) जारी कर न केवल हितग्राहियों (beneficiary)के साथ छलावा किया गया है वरन केंद्र प्रवर्तित योजना (centrally sponsored scheme ) की फजीहत उड़ाई गई है।

हसदेव एक्सप्रेस की पड़ताल ( investigation) में महज 6 हर घर जल ग्राम पंचायतों में दस्तक देने पर 5 ग्राम पंचायतों में हर घर जल के दावे फर्जी(bogus) पाए गए। जमीनी स्तर पर योजना आधी अधूरी ,नल कनेक्शन ,पानी टँकी अपूर्ण(incomplete) ,सूखा क्षेत्र ( dry area) के हितग्राही भीषण गर्मी में अपने परिवार की प्यास बुझाने अन्य जल स्रोतों (other water sources) कुंआ ,हैंडपम्पों पर निर्भर नजर आए। बिना भौतिक सत्यापन( physical verification )किए हर घर जल सर्टिफिकेट जारी कर उनकी जल समस्या से मुंह मोड़ शासन(goverment ) को गुमराह ( misguided )करने वाले अफसरों ,फर्मों एवं अन्य अन्य जिम्मदारों के विरुद्ध हितग्राहियों ने कड़ी कार्रवाई( strict action) कर जल संकट (water scarcity) से निजात (relief) दिलाए जाने की गुहार(pleading लगाई है।

👉ड्रपुत्रीचौरा में टँकी लगी ही नहीं बिछा दिया आधा अधूरा नल कनेक्शन ,कुएँ से प्यास बुझा रहे ग्रामीण ,जारी हर घर जल सर्टिफिकेट बना मजाक

जिला मुख्यालय जशपुर से महज 20 -25 किमी की दूरी पर जशपुर जिले व ब्लॉक का सरहदी ग्राम पुत्रीचौरा है। झारखंड की सीमा से लगे इस ड्राई एरिया में आने वाले इस ग्राम पंचायत को रिकार्ड में बीते वित्तीय वर्ष में 14 नवंबर 2025 को हर घर जल घोषित कर दिया गया है। पीएचई से मिले दस्तावेजों के तहत सरपंच अरुण लकड़ा एवं सचिव का पद मुद्रा एवं सील लगा हर घर जल प्रमाण पत्र जारी किया गया है। जबकि कायदे से 13 बिंदु वाली एकल ग्राम नलजल योजना हस्तांतरण प्रतिवेदन जारी होना था। जिसमें स्कीम का पूरा विवरण रहता है। सबसे बड़ी निराशाजनक लापरवाही वाली बात यह रही कि इस ग्राम को पीएचई ने हर घर जल गांव घोषित कर प्रमाण पत्रजारी दिया है। लेकिन जमीनी स्थिति ठीक इसके उलट नजर आई ,गांव में पानी टँकी ही नहीं लगी बस कुछ कुछ हितग्राहियों के यहाँ बिना चबूतरा ,अमानक स्टैंड पोस्ट तैयार कर योजना की मंशा धूमिल की गई है।

हसदेव एक्सप्रेस की पड़ताल में गांव की महिलाएं कुआं से पानी निकालतीं व लंबी दूरी तयकर हैंडपम्प से पानी लाती नजर आईं। उन्होंने हसदेव एक्सप्रेस की टीम से पुत्रीचौरा को हर घर जल घोषित करने पर हैरानी न नाराजगी जताई।उन्होंने बताया कि उनका गांव पथरीला गांव है सभी इससे वाकिफ हैं लेकिन शिविरों में गांव से लगे शंख नदी व बाली नदी से पुत्रिचौरा में जलापूर्ति करने की गुहार लगाई थी । जिसकी भी अनदेखी कर दी गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय से प्रकरण में जिम्मदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई समेत जलसंकट के स्थाई निदान की मांग की है।

👉बड़ा करौंजा में भी छलावा ,रातामाटी में ऊपरी मोहल्ला प्यासा ,जिम्मेदार अफसर झांकने तक नहीं आए ,पानी के लिए उठानी पड़ रही बड़ी परेशानी

जशपुर जिला मुख्यालय से महज 10 -15 किमी की दूरी पर अवस्थित ग्राम पंचायत बड़ा करौंजा में भी फर्जी हर घर जल सर्टिफिकेट जारी कर ग्रामीणों के साथ छलावा किया गया है।ग्रामीण कुंआ ,हैंडपम्प जैसे अन्य जल स्रोत पर निर्भर हैं। हसदेव की पड़ताल में यहाँ भी महिलाओं ने पानी की परेशानी बेबाकी से बयां की। बड़ा करौंजा 11 अक्टूबर 2025 को तो रातामाटी 19 सितंबर 2025 को हर घर जल घोषित हो चुका है।

रातामाटी में तो जिम्मेदार अधिकारी योजना की जमीनी वास्तविकता झांकने तक नहीं पहुंचे । यहाँ ऊपरी मोहल्ला में एक बूंद भी जलापूर्ति नहीं हुई। योजना 2 साल से ठप्प पड़े होने की ग्रामीणों की अन्य जल स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है। कोई लंबी दूरी तय कर हैंडपम्प से निस्तारी कर रहे हैं तो कई कुंआ के पानी से अपने व परिजनों की प्यास बुझा रहे हैं।

👉टेम्पू ,पेटा में भी छले गए हितग्राही

मनोरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत टेम्पू , बगीचा ब्लॉक के रायकेरा एवं ग्राम पंचायत पेटा का भी हसदेव एक्सप्रेस ने हर घर जल की जमीनी वास्तविकता का जायजा लिया, जहाँ टेम्पू एवं पेटा भी हर घर जल की जगह हर घर छल वाली तस्वीर नजर आई । रायकेरा में जरूर योजना के तहत सतत जलापूर्ति की तस्वीर नजर आई,पर टेम्पू एवं पेटा के दृश्य ने अचरज में डाल दिया। टेम्पू को 30 नवंबर 2024 को तो पेटा को 1
5 मई 2025 को हर घर जल घोषित कर दिया गया है।

दफ्तर में बैठे सरपंच सचिवों से हर घर जल प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर ले लिए गए हैं। और आज इन दोनों गांव के बाशिंदें बूंद बूंद पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे। कुंआ व हैंडपम्प से प्यास बुझा रहे। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के प्रति जिम्मदारों ने आम जनमानस में अविश्वास की भावना पैदा कर दी है।

👉ये ग्राम हुए हर हल जल घोषित ,केंद्रीय जांच दल से सत्यापन की दरकार !

जशपुर जिले में पीएचई द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार 65 ग्राम पंचायत हर घर जल घोषित हो चुके हैं। इनमें पुत्रीचौरा, छोटा -बड़ा करौंजा ,रातामाटी ,टेम्पू, रायकेरा ,पेटा के अलावा गिरांग,रेंगोल ,देवी ड़ड़गांव, बस्ता,बोड़ोकछार,जकबा, सोगड़ा, बहेरन, बुकतेल,माड़,ओरकेल , बुधगांव, कस्तूरा, मयूरचंदी,
केन्दापानी, जामटोली,झरगांव ,देवाडेलगी,
गोड़आम्बा ,कांसाबेल, बाँसबहार ,सेमरकछार,शब्दमुंडा,
पतरापाली , जमईकेला, डांड़पानी ,बगिया ,गड़ाकटा ,
जामचुआं ,डीपाटोली,मटासी,
चटकपुर,बरडांड़,खारढोढ़ी,
किलकिला, रघुनाथपुर ,रेडे , बाम्हनपारा ,धरला, लोखी,
दालटोली, गारीघाट,जबला, पमशाला, बंधाटोली , सिकिरमा ,रुपसेरा,कुटमा ,
भितगरहा,रंगपुर ,माँझगांव ,बेंद
,सुतर्रा, पुरंगा ,तंगरडीह,बंगुरकेला
,बिपतपुर ,डोभ एवं ग्राम पंचायत मैनी शामिल है। जिस तरह आधा दर्जन हर घर जल घोषित ग्राम पंचायतों की जमीनी स्तर पर पड़ताल में फर्जीवाड़ा सामने आया है आवश्यक हो जाता है कि शासन सभी ग्राम पंचायतों की पुनः भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कराए ।चूंकि जशपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है लिहाजा केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को सीधा इसकी सुध लेने की दरकार है,ताकि योजना में पारदर्शिता ,विश्वसनीयता,गुणवत्ता बनी रहे और शासन की हर घर तक जल पहुंचाने की मंशा साकार हो सके।

👉 ड्राई जोन में योजना स्वीकृत करने वाले जिम्मेदारों का चिन्हांकन कर कार्रवाई की दरकार क्या सुध लेगी सरकार ?

केंद्र प्रवर्तित जल जीवन मिशन में अब शेष कार्य जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मार्च 2028 तक पूर्ण कराए जाएंगे। शासन की मंशा प्रत्येक घरों तक शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित करना है ,लेकिन जिन स्कीम में भ्रष्टाचार इस तरह उजागर हो रहा हो उनमें जिम्मेदारों का चिन्हांकन कर कार्रवाई की दरकार है। केंद्रीय दल की पुनर्मूल्यांकन ,भौतिक सत्यापन से सब इंजीनियर , एसडीओ व फर्म बेनकाब हो जाएंगे । विश्वस्त सूत्रों की मानें तो फर्मों के साथ जुगलबंदी की वजह से यह सब खेला गया है जिसमें सरपंच सचिवों जो ग्राम जल समिति के पदेन अध्यक्ष सचिव होते हैं उन्हें प्रलोभन देकर व दबाव बनाकर हर जल घर सर्टिफिकेट ले लिया गया है ताकि फर्मों का भुगतान किया जा सके।
ड्राई एरिया में बिना जल स्रोत का परीक्षण किए योजना में काम शुरू कर दिया गया नतीजन योजना फेल हो गई , स्कीम आज आज जनमानस का विश्वास खोती जा रही है। प्रकरण में पीएचई के कार्यपालन अभियंता सी बी सिंह से उनका पक्ष जानने उनके मोबाइल नंबर पर सम्पर्क किया गया कॉल रिसीव नहीं करने की वजह से उनका पक्ष नहीं आ सका है।

जल संकट से जूझतीं माताओं -बहनों की पीड़ा सुनें 👇

आवेदन दिए फिर भी नहीं हुआ समस्या का निदान

हमारा गांव चट्टानी गांव है ,इस बात से हम वाकिफ हैं ,लिहाजा हम लोगों ने नजदीक से शंख व बाली नदी से जल संकट की समस्या दूर करने आवेदन दिया था,पर कोई सुध नहीं ली गई । आज बूंद बूंद पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। हर घर जल घोषित पंचायत बताने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री जी कड़ी कार्रवाई करें।

उमा बड़ईक,पुत्रीचौरा

अधिकारी झांकने तक नहीं आए ,कुआं से कर रहे निस्तारी

यह कैसा मजाक है हर घर जल पहुंचता तो हम आधा घण्टा मेहनत करके कुंआ से प्यास क्यों बुझाते,अफसर योजना की जमीनी हकीकत झांकने तक नहीं आए, बिना पानी टँकी,कनेक्शन कैसे हर घर जल हो गया।

कलन्तिबाई, पुत्रीचौरा

छलावा करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री जी कड़ी कार्रवाई करें

हर घर जल घोषित होने की बात असत्य है,भीषण गर्मी में हम दूसरों के जल स्रोतों पर आश्रित हैं। छलावा करने वालों के विरुद्ध मुख्यमंत्री जी कड़ी कार्रवाई करें।

सुशीला टोप्पो ,बड़ा करौंजा

पानी लाते लाते थक जाती हूँ ,हमें घर तक पानी चाहिए

ढलती उम्र में हैंडपम्प से पानी लाना बड़ी तकलीफदेह है ,सरकार से गुजारिश है हमारे घर तक बिछाए गए नल कनेक्शन में जलापूर्ति कराकर हमें राहत दिलाएं।

सुशीला तिर्की ,बड़े करौंजा

एक मोहल्ले सूखा कैसे हर घर जल कर दिए

हमारे ऊपरी मोहल्ले में पानी ही नहीं आ रहा ,आपसे पता चल रहा है गांव हर घर जल घोषित है। लंबी दूरी तय कर निचली बस्ती के हैंडपंप से पानी लेकर आते हैं।जिसमें कभी कभी घण्टों लग जाता है। सभी घरों तक पानी पहुंचना चाहिए।

मीना टोप्पो,रातामाटी

नल लगाए स्ट्रक्चर ही नहीं बनाए ,पानी के लिए लंबी दूरी तय कर रहे

अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नल तो सालों पहले लगाए पर पक्का स्ट्रक्चर (स्टैंड पोस्ट ) तक बनाकर उसको सुरक्षित नहीं किए। परिवार की प्यास बुझाने बड़ी दूरी तय कर पानी लेने जाते हैं। घरों तक पानी पहुंचाए ,छल करने वालों पर कार्रवाई करें।

सुमित्रा बाई ,रातामाटी

जब नल लगाए हैं तो जल देना चाहिए

जब सभी घरों में नल कनेक्शन लगाए हैं तो जल देना चाहिए ,बड़ी दूर से पानी लाना पड़ रहा ,जबकि घरों तक पानी पहुंचना था। जो फर्जी हर घर जल घोषित किए हैं उन पर मुख्यमंत्री जी कड़ी कार्रवाई करें।

सुषमा भगत ,टेम्पू

अफसर झांकने तक नहीं आए हमें पानी चाहिए

काम क्या हुआ है कैसा हुआ है इसको बिना देखे गांव को हर घर जल घोषित करना गलत है ,हम सिर्फ पानी चाहते हैं और धोखेबाजी करने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करे।

कमलाबाई ,टेम्पू

2 साल से स्ट्रक्चर अधूरा,हैंडपम्प बना सहारा

2 साल से हमारे घर में लगा नल कनेक्शन स्ट्रक्चर अधूरा है ,आधा किलोमीटर दूर नल लगा है उससे पानी लाकर पीते हैं। गांव में हर घर जल होने की असत्य जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

संतोषी कुजूर ,पेटा

फर्जी हर घर जल घोषित करने वालों पर ,मुख्यमंत्री जी सुध लें

यह गलत बात है यहाँ गांव कभी हर घर जल नहीं हुआ। ऐसे असत्य जानकारी सर्टिफिकेट जारी करने वालों पर मुख्यमंत्री जी कड़ी कार्रवाई करें ,और हमारे घरों तक जलापूर्ति कराएं। हम लोग भी लंबी दूरी तय कर हैंडपम्प से पानी लाकर निस्तारी कर रहे।

सुमन किस्पोट्टा ,पेटा