PM मोदी ने दूसरे दिन फिर दोहराई अपील ,देशवासियों से कहा एक साल तक सोना न खरीदें ,तत्काल कीमत में इतनी आई गिरावट …..

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से सोने की खरीदारी टालने की अपील का असर सर्राफा बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है। विदेशी मुद्रा बचाने और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी ने लगातार दूसरे दिन लोगों से आग्रह किया है कि जब तक हालात सामान्य न हों, सोने की खरीद से बचें। इस अपील और वैश्विक घटनाक्रमों के कारण सोमवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

👉पीएम मोदी ने क्यों की सोना न खरीदने की अपील?

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोने के भारी आयात के कारण देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में देश की विदेशी मुद्रा को बचाना आवश्यक है। इसलिए गैर-जरूरी सोने की खरीदारी एक साल के लिए टाल दी जाए। पीएम ने कहा कि विदेशी सामान की जगह स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और इसे एक जन-आंदोलन बनाएं। अपने गांव, शहर और देश के उद्यमियों को ताकत दें।

उन्होंने कोरोना महामारी के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी स्थिति को इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताया। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे कोरोना का मुकाबला किया, वैसे ही देश इस संकट से भी पार पा लेगा।

👉सर्राफा बाजार पर इस अपील का क्या असर हुआ?

पीएम मोदी की इस अपील और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने के भाव गिर गए। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 600 रुपये टूटकर 1,55,300 रुपये (सभी टैक्स सहित) प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले सत्र (शुक्रवार) में यह 1,55,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना एक प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,661.68 डॉलर प्रति औंस पर आ गया

👉वैश्विक स्तर पर सोने में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज और एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई भू-राजनीतिक कारण भी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को ठुकराए जाने से पश्चिम एशिया में लंबे समय तक संघर्ष चलने की चिंताएं बढ़ गई हैं। संघर्ष के फिर से बढ़ने की आशंकाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चली गई हैं।

👉पीएम मोदी ने क्यों की सोना न खरीदने की अपील?

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोने के भारी आयात के कारण देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में देश की विदेशी मुद्रा को बचाना आवश्यक है। इसलिए गैर-जरूरी सोने की खरीदारी एक साल के लिए टाल दी जाए। पीएम ने कहा कि विदेशी सामान की जगह स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और इसे एक जन-आंदोलन बनाएं। अपने गांव, शहर और देश के उद्यमियों को ताकत दें।
उन्होंने कोरोना महामारी के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी स्थिति को इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताया। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे कोरोना का मुकाबला किया, वैसे ही देश इस संकट से भी पार पा लेगा।

👉सर्राफा बाजार पर इस अपील का क्या असर हुआ?

पीएम मोदी की इस अपील और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने के भाव गिर गए। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 600 रुपये टूटकर 1,55,300 रुपये (सभी टैक्स सहित) प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले सत्र (शुक्रवार) में यह 1,55,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना एक प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,661.68 डॉलर प्रति औंस पर आ गया

👉वैश्विक स्तर पर सोने में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज और एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई भू-राजनीतिक कारण भी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को ठुकराए जाने से पश्चिम एशिया में लंबे समय तक संघर्ष चलने की चिंताएं बढ़ गई हैं। संघर्ष के फिर से बढ़ने की आशंकाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चली गई हैं।