पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध से गहराया वैश्विक ऊर्जा संकट , PM मोदी ने देशवासियों से की संयम से उपयोग की अपील ,क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल के दाम?

दिल्ली । पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध और वैश्विक स्तर पर उपजे ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी चेतावनी दी है।

रविवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज ‘समय की मांग’ है कि हम पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल बेहद संयम के साथ करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पेट्रोलियम उत्पादों की बर्बादी रोकें और इन्हें केवल जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करें।

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक युद्ध का सीधा असर हमारी जेब और देश के खजाने पर पड़ना तय माना जा रहा है।

👉पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल पर पीएम का ‘कठोर’ संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों से मंगाए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों का सीमित उपयोग न केवल देश की विदेशी मुद्रा बचाएगा, बल्कि युद्ध के कारण होने वाले प्रतिकूल प्रभावों को भी कम करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया जिस नाजुक दौर से गुजर रही है, उसमें ईंधन की बचत करना ही देशभक्ति है। पीएम ने यह संदेश ऐसे समय में दिया है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका जताई जा रही है।

पीएम मोदी ने यह भी साफ किया कि सरकार केवल बचत की बात नहीं कर रही, बल्कि विकल्पों पर भी तेजी से काम कर रही है। भारत आज दुनिया के उन अग्रणी देशों में शामिल है जो सौर ऊर्जा (Solar Power) का सबसे ज्यादा उत्पादन कर रहे हैं। इसके साथ ही पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) के क्षेत्र में भी देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है, जिससे विदेशों से आने वाले तेल पर हमारी निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है।

👉तेलंगाना को ₹9,400 करोड़ की सौगात और भविष्य का रोडमैप

ईंधन संकट की चेतावनी देने के साथ-साथ पीएम मोदी ने तेलंगाना के विकास के लिए लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ (सुधारों की एक्सप्रेस) पर सवार है और आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

इन परियोजनाओं में सबसे अहम काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क है। वारंगल में बना यह पार्क भारत का पहला पूरी तरह कार्यात्मक पीएम मित्र (PM MITRA) पार्क है। लगभग 1,700 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पार्क केंद्र सरकार के “5F” विजन (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) यानी खेत से विदेशी बाजार तक के लक्ष्य को पूरा करेगा। इससे न केवल कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

👉बुनियादी ढांचे और ऊर्जा रणनीति पर सरकार का फोकस

पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक ‘ग्रीनफील्ड पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट्स’ (POL) टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-167 के चौड़ीकरण और काजीपेट-विजयवाड़ा रेलवे लाइन के मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को जनता को समर्पित किया।

पीएम मोदी ने सरकार की बहुआयामी ऊर्जा रणनीति का जिक्र करते हुए बताया कि पहले हमारा ध्यान हर घर तक एलपीजी (LPG) पहुंचाने पर था, जो अब पूरा हो चुका है। अब सरकार का फोकस पाइप वाली सस्ती प्राकृतिक गैस (PNG) के विस्तार और सीएनजी (CNG) आधारित इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर है। इससे मध्यम वर्ग को महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।