छत्तीसगढ़ की बेटी सुष्मिता बनी IFS , प्रदेश में हर्ष ,जानें कैसे हासिल किया मुकाम ….

राजनांदगांव/रायपुर । 10 मई 2026 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार (8 मई 2026) की शाम भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम जारी किए गए। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली सुष्मिता सिंह ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे देश में 32वीं रैंक प्राप्त की है। आयोग द्वारा जारी 148 सफल अभ्यर्थियों की सूची में सुष्मिता का नाम आने के बाद से ही प्रदेश में जश्न का माहौल है।

👉शिक्षा का सफर: स्कूल से सफलता तक

सुष्मिता की शैक्षणिक यात्रा विभिन्न शहरों और प्रतिष्ठित संस्थानों से होकर गुजरी है:

प्रारंभिक शिक्षा: राजनांदगांव के जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल।

स्कूली शिक्षा: डीएवी पब्लिक स्कूल (सरकंडा), जैन इंटरनेशनल स्कूल (बिलासपुर) और डीपीएस भिलाई से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

उच्च शिक्षा: उन्होंने यूपीईएस (UPES) देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की।

कठिन परिश्रम और पांचवां प्रयास
सुष्मिता की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। बीटेक के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी भी की, लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा से देश की सेवा करना था।

चुनौतियां: यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का कड़ा फैसला लिया।

धैर्य: लगातार संघर्ष और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

👉प्रदेश में खुशी की लहर

मुख्यमंत्री और राजनांदगांव के जनप्रतिनिधियों ने सुष्मिता को इस शानदार सफलता पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी ‘राजनांदगांव की बेटी’ की इस उपलब्धि की जमकर सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं।