KORBA : कबाड़ी का तिमंजिला अवैध मकान निगम प्रशासन ने ढहाया , 2 माह पहले छोंडी गई अधूरी कार्रवाई को निगम ने सुरक्षा साए में दिया अंजाम ,कार्रवाई से नाराज वार्ड पार्षद ने कह दी यह बड़ी बात ….

कोरबा। जिले में अवैध कबाड़ के अवैध कारोबार में संलिप्त रहने के साथ-साथ सरकारी लोहा पुल की भी चोरी कर उसे बेचने-खरीदने के मामले में पुलिस व प्रशासन की रडार में आए नामचीन कबाड़ी मुकेश साहू उर्फ़ बरबटी पर पुलिस व प्रशासन ने री-एक्शन लिया। दो माह पहले अधूरी छोड़ी गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को आज पूरी तरह से अंजाम दिया गया। इससे पहले 15 दिन की मोहलत मुकेश साहू के परिजनों को दी गई थी लेकिन दो माह का लंबा समय बीत गया, अवैध कब्जा में निर्मित अवैध मकान को खाली नहीं किया गया जिसके बाद गुरुवार को पुलिस सुरक्षा के साए में निगम व जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी व निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से गुरुवार को अतिक्रमण व अवैध कब्जा ढहाया।
बड़े ही गोपनीय तरीके से इस पूरी कार्रवाई को पिछली बार की तरह अंजाम दिया गया। कानों कान किसी को इस बात की भनक तक नहीं लग सकी कि राताखार में कुछ बड़ा होने वाला है। पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 150 महिला-पुरुष बल पहुंचा। नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त के साथ-साथ कोरबा जोन प्रभारी डिप्टी कलेक्टर नीरज कौशिक की अगुवाई में प्रशासनिक अमला यहां करवाई करने पहुंचा। टीम को रोकने के लिए कुछ कोशिशें भी रास्ते में की गई जिन्हें विफल किया गया। हालांकि इस पूरी कार्रवाई को लेकर मुकेश साहू के माता-पिता व अन्य परिजन की आंखें छलक पड़ी और उन्होंने अपनी बातें हर तरह से रखने की कोशिश की किंतु प्रशासनिक कार्रवाई में सख्ती दिखाई गई। चूंकि मुकेश साहू अपने अवैध गतिविधियों को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहा था, जिला और पुलिस प्रशासन की तमाम हिदायतों को दरकिनार कर पुलिस अधिकारियों पर ही हावी होते हुए अपना एकछत्र राज कायम करने की जुगत में लगा ही रहा/सिंडिकेट बनाने की भी कोशिश की गई। पुलिस और प्रशासन की छवि भी उसकी हरकतों के कारण खराब होती रही जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ सरकार की मंशानुरूप अवैध कारोबार में संलिप्त कबाड़ी के अवैध मकान को पूर्ण रूप से ढहाए जाने के निर्णय को आज अंजाम दिया ।

👉 पार्षद रवि चंदेल ने किया पुरजोर विरोध

चूंकि कांग्रेस पार्षद रवि सिंह चंदेल राताखार वार्ड के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और मुकेश साहू व उनके परिवार भी वोटर के रूप में अपनी भूमिका निभाते आए हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पिछले बार भी रवि सिंह चंदेल ने सामने आकर कार्रवाई को गलत करार दिया था। उनके हस्तक्षेप पर 15 दिन का समय परिवार को देते हुए कार्रवाई को रोक दिया गया। आज पुनः जब टीम यहां पहुंची तो रवि सिंह चंदेल ने तमाम तरह की बातों का हवाला देते हुए कार्रवाई को गलत ठहराया लेकिन वह बातों ही बातों में ऐसा कुछ कह गए कि इसके मायने शहर में तलाशे जा रहे हैं। पार्षद श्री चंदेल ने कहा कि राताखार के जितने भी बेजा कब्जा में निवासी हैं, धीरे-धीरे उन्हें पूरी तरह से हटाने का षड्यंत्र है। यह भाजपा का षड्यंत्र है, कारण है कि जब इतने बड़े-बड़े लोगों को हटा सकते हैं तो कल तुम्हें भी हटाएंगे। आज हमारे राताखार के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। हम पुरजोर विरोध कर रहे हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। पार्षद ने कहा- मानते हैं कि मुकेश साहू ने गलती किया होगा। कबाड़ी का काम करता है, खरीदी-बिक्री किया, जो भी किया, आप मुकेश साहू को सजा दीजिये। आप उसके बूढ़े मां-बाप को,बच्चों को घर से बाहर कर रहे हैं? किस कानून में लिखा है कि बूढ़े मां-बाप को घर से बाहर कर दो। जो जुर्म किया है,उसको उसकी सजा दो। यदि इसी तरह से प्रशासनिक गुंडागर्दी चलती रही तो बहुत ही जल्द कोरबा में सेकेंड बड़ा कांड होगा और जो राताखार से शुरू होगा..! इसकी पूरी जवाबदारी यहां के प्रशासनिक अधिकारी और नेताओं की होगी। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि 15 दिन का समय दिया गया था, हाई कोर्ट में पिटीशन लगाया गया है जिस पर स्टे मिलने वाला है कि इसके पहले ही हटाने की कार्रवाई की गई है।ट्रिपल इंजन की सरकार डराने का काम कर रही है ।