बिलासपुर। ज़िला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के पूर्व अध्यक्ष, बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी की अगुवाई में अघोषित बिजली कटौती को लेकर बड़ा आंदोलन किया गया। नवतपा के पहले दिन जहां तापमान 45 डिग्री के प्रचण्ड किरणों की चिलचिलाती धूप में आंदोलनकारी आक्रोश के साथ तिफरा बिजली कार्यालय का घेराव कर रहे थे। लगभग सुबह 10.00 बजे बड़ी संख्या में बेलतरा विधानसभा सहित पूरे जिले से कांग्रेसी समेत आम जनता आने लगे। बिजली विभाग के प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थी। आंदोलनकारी अपने हाथों में कूलर और फ्रिज , बिजली कटौती बंद करो के पोस्टर रखे थे। करीब -करीब 2 घण्टे तक मुख्य गेट पर कांग्रेस के कार्यकर्ता नारे लगाते रहे। उस अफरातफरी मच गई जब आक्रोशित कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर बैठ गए। जिससे गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। इसी बीच उत्साह और आक्रोश से भरे कार्यकर्ताओ ने बिजली कार्यालय के मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुस गए। किन्तु पहले से बिजली विभाग के मुख्य अभियंता के ऑफिस के गेट को बंद कर दिया गया था। भारी संख्या में पुलिस खड़े थे, तब कांग्रेस जन चिलचिलाती धूप में वही पर धरने में बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। 45 डिग्री के तपती धूप में लगभग दो घण्टे तक जमीन में बैठकर आंदोलन किया। भारी पुलिस बल भी धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रयास करते रहे। किन्तु ठोस आश्वासन के बिना कार्यकर्ता धरना से उठने के लिए तैयार नही थे।

प्रदर्शन में बेलतरा, सहित बिल्हा, बिलासपुर, मस्तूरी, तखतपुर, रतनपुर, तिफरा, सकरी, सीपत जैसे दूर दूर से ग्रामीण आये हुए थे। बिजली विभाग के मुख्य अभियंता अम्बष्ट सहित ज़िला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी ने धरना – प्रदर्शन स्थल पर आकर ज्ञापन लिया और आश्वस्त किया कि विभाग जनता को परेशानी न हो इसके लिए कटिबद्ध है। हर हर स्तर पर कोशिश किया जाएगा कि बिजली गोल न हो। इस दौरान पूर्ब ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बिजली विभाग और सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनत दो तरफ मार झेल रही है। एक तरफ पूरा जंगल काटे जा रहे है, बिजली उत्पादन छत्तीसगढ़ में हो रही है पर छत्तीसगढ़िया अंधेरे में रहने के लिए मजबूर किये जा रहे है। यह दिया तले अंधेरा है और सरकार द्वारा अन्य राज्यो में ,,,
उद्योग कारखानों को ऊंची कीमत में बेचने से हो रहा है।
विजय केशरवानी ने कहा कि बिजली विभाग तैयारी के नाम पर करोड़ो खर्च करती है और थोड़ी सी हवा पानी मे पूरा सिस्टम कोलैप्स हो जाता है। क्योंकि बिजली विभाग के पास फील्ड में खुद के कर्मचारी नही है, ठेका पद्धति पर काम चल रहा है, पूरा बिजली विभाग ठेकेदारो पर आश्रित है। जिससे ठेकेदार पर्याप्त कर्मचारी नही रखते और ना ही आम जनता के परेशानियों से उनको कोई परवाह है। मई-जून माह में नीट, पीएससी मुख्य परीक्षा, सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी है, किसान को अपनी फसल के लिए पानी चाहिए, छोटे छोटे दुकानदार जो बिजली आधारित है। उनका धंधा प्रभावित हो रहा है, सामाजिक कार्य भी बाधित हो रहे है। किन्तु सरकार ज्वलन्त समस्याओ को छोड़कर सुशासन तिहार मना रही है। जब बिजली उपलब्ध नही करा पा रही है। सुशासन तिहार केवल दिखावा है।
ग्रामीण क्षेत्रो में शहर से ज्यादा खतरनाक स्थिति बनी हुई है जहां कई दिनों तक बिजली गुल रहती है। राज्य सरकार के प्रतिनिधि अखबारों में छपने के लिए बड़ी बड़ी बाते करते है पर बिजली के लिए कोई समुचित कदम नही उठाते। ट्रांसफार्म, कर्मचारी, काल सेंटर में अधिकारी शिफ्ट वाइज काम करे। बेलतरा विधानसभा शहर से लगा विधानसभा है पर सुविधा ग्रामीण की है। अधिकांश क्षेत्र मोपका फीडर से जुड़ा हुआ है। जिससे आये दिन बिजली बिना वजह से गुल रहती है। विजय केशरवानी ने मांग की कि बिजली विभाग शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग अलग पेट्रोलिंग गाड़ी चलाये और जहां पर बिजली बंद है वहां कर्मचारी भेजे, तब व्यवस्था में सुधार हो सकती है। विजय केशरवानी ने कहा कि जो समस्याएं हर साल आती है जैसे पेड़ों की कटिंग, लाइन, ट्रान्सफर की मेन्टेन्स उसे तो दुरुस्त किया जा सकता है। गर्मी के लिए संविदा में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। यहां तो ठीक से बिजली विभाग के पास सीढ़ी नही रहती, बनाने वाले आ गए और सीढ़ी का इंतजार करते रहते हैं । समस्याओ का निदान नही होता है तो सड़क पर आंदोलन होगा। शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि बिजली बिभाग काल सेंटर में कोई सक्षम अधिकारी भी नहीं बैठते, जो रहते है वो काल नहीं उठाते, ऑनलाइन कम्प्लेन करने की बात करते है, उसके जब आपका नम्बर कब आएगा ये कोई नहीं बताता, ठेकेदार के कर्मचारी जेई, ए ई की नही मानते। जिसकी शिकायतें लगातार कांग्रेस कमेटी को मिल रही हैं ।
आंदोलन में पूर्व ज़िला अध्यक्ष व बेलतरा विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी, ज़िला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे, रविन्द्र सिंह, ऋषि पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष गण धनंजय सिंह, प्रभंजन बैसवाडे, लक्ष्मीनाथ शाहू, संतोष गर्ग, हितेश देवांगन, ऋषि पांडे, जगदीश कौशिक, अनिल यादव, शीतल डास महंत, विनोद शाहू, लक्ष्मी गहवाई, वीरेंद्र गौरहा, साखन दरवे, अशोक सूर्यवंशी, दिनेश कश्यप, जावेद मेमन, शेख़ निज़ामुद्दीन ( दुलारे) संध्या तिवारी, शहज़ादी क़ुरैशी, शिल्पी तिवारी, पिंकी बतरा, इंद्राणी कौशिक, अनुपमाँ मिश्रा, सुनील साहू, राघवेंद्र गहवाई, अशोक शुक्ला, सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, मनीष घड़ेवाल, सुनील यादव (छोटू), रोहित कौशिक, ध्रुव शाहू, विकास लॉसकर, संतोष राज, अमित यादव, सत्यनारायण मरकम, देवराज सिंह, अवधेश कमल सेन, अशोक तिवारी, बबली ख़ान, अवशेष कश्यप, जीवन निर्मलकार , संतोष धीवर मिथुन वर्मा आकास यादव रुपेश कश्यप , लाला धीवर शेरू असलम , राजू यादव, , अजय यादव लकी मिश्रा , उत्तम यादव बालचन्द साहू, सुरेंद्र तिवारी मनीष सेंगर रमेश गवाड़ा ,पवन सिंग ठाकुर रामचरण कश्यप विकी यादव संत सरवे , अजय काले, टीकम सिंह रूपनारायण बच्छ छोटकू शाहू दीपक नायक अविनाश रजक संजय सूर्यवंशी रवि बघेल दिनेश शुक्ला परमेश्वर सूर्यवंशी जातिन धीवर, शिकारी लक्ष्मीनारायण कोहली राजेश यादव दादू शिकारी कमल सिंह दिलीप पटेल राज कुमार बारगाह राजाराम धुरी दीपक मौर्य उदल सूर्यवंशी सुखसागर कुर्रे सुजीत यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस जन शामिल थे।
