धमतरी। जिले के खरेंगा गांव में अवैध रेत खनन की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महानदी तट पर स्थित श्मशान घाट में गहरी खुदाई के दौरान 10 से अधिक मानव कंकाल बाहर आ गए, जिससे पूरे गांव में आक्रोश और शोक का माहौल है।ग्रामीणों के अनुसार, श्मशान घाट के क्षेत्र में अवैध रेत खनन के लिए 6 से 7 फीट तक गहरी खुदाई की गई। वर्षों पहले सम्मानपूर्वक दफनाए गए शवों की कब्रें पूरी तरह नष्ट हो गईं। गुरुवार को जब हड्डियां और कंकाल दिखाई दिए तो गांव में सनसनी फैल गई।
घटना मनरेगा कार्य के दौरान हुई। मजदूरों ने खुदाई में हड्डियां देखीं, जिन्हें शुरू में जानवरों के अवशेष समझा गया। नजदीक से जांच करने पर इनके मानव कंकाल होने की पुष्टि हुई। सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
👉किसका कंकाल कहां, अब पता नहीं

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बाहर निकले कंकालों को दोबारा दफना दिया। हालांकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पहचान या औपचारिक प्रक्रिया के अवशेषों को दफन कर दिया गया। एक ग्रामीण ने भावुक होकर कहा, “यहीं हमारे परिजन दफन थे, अब पता ही नहीं चलेगा कि कौन कहां है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि कंकाल निकलने के बावजूद उसी रात अवैध खुदाई जारी रही। उन्होंने लंबे समय से हो रहे अवैध रेत खनन पर कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
👉कलेक्टर बोले जब्ती की कार्रवाई की ,भंडारण अनुमति रद्द कर दी
धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने मामले पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि प्रशासन ने 5 ट्रैक्टर जब्त कर लिए हैं। साथ ही संबंधित माइनिंग इंस्पेक्टर को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। श्मशान घाट क्षेत्र में रेत भंडारण की दी गई अनुमति भी रद्द कर दी गई है।
कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशानुसार 15 जून तक सभी रेत खदानों का संचालन बंद करना है। वैध खदानों में दोबारा सीमांकन कराया जाएगा और अवैध खनन व परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण अब श्मशान घाट की सुरक्षा, अवैध खनन पर पूर्ण रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना जिले में अवैध रेत माफिया के खिलाफ लोगों के गुस्से को और भड़का रही है।
