CG : बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा में सेंध, बिलासपुर के बाद अब अम्बिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक पुराना दरवाजा तोड़कर फरार ,मचा हड़कम्प ,नाकेबंदी कर पुलिस कर रही तलाश ,उठे सवाल …

अम्बिकापुर । सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित गांधीनगर थाना क्षेत्र के बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार को एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। यहां से 13 अपचारी बालक पुराने दरवाजे को तोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांधीनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और फरार बालकों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अपचारी बालकों ने संप्रेक्षण गृह के एक पुराने और कमजोर दरवाजे को तोड़कर बाहर निकलने में सफलता हासिल की। घटना के बाद संप्रेक्षण गृह प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। फरार बालकों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी की गई है। साथ ही जिले के सभी थाना प्रभारियों और पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से फरार बालकों की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

यह पहली बार नहीं है जब अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक फरार हुए हैं। इससे पहले 23 जून 2026 को भी इसी संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए थे। उस घटना में पुलिस ने अधिकांश बालकों को पकड़ लिया था, लेकिन दो अपचारी बालक आज तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं।

लगातार दूसरी बार हुई इस घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। पुराने और जर्जर ढांचे की वजह से बार-बार सुरक्षा में सेंध लगने की आशंका भी सामने आ रही है। अब यह भी सवाल उठ रहा है कि पहले की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार हुए सभी 13 अपचारी बालकों की तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार बालकों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों की मदद ली जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।