CG : बिजली बिल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब कोर्ट में लंबित बिल विवादों का भी होगा समाधान ,मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की बढ़ी मियाद ,30 सितंबर तक कर सकेंगे भुगतान ….

रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 का दायरा और बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके लिए संबंधित उपभोक्ताओं को पहले न्यायालय से अपना प्रकरण वापस लेना होगा, जिसके बाद वे योजना के तहत आवेदन कर नियमानुसार मिलने वाली छूट और अन्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप उपभोक्ताओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अंतिम तिथि 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। साथ ही पहली बार न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी मामलों को भी योजना में शामिल किया गया है, ताकि लंबे समय से विवादों में फंसे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल संबंधी मामले किसी न्यायालय में विचाराधीन हैं, वे संबंधित न्यायालय से अपना प्रकरण वापस लेकर योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें बकाया मूल राशि और अधिभार में नियमानुसार छूट का लाभ मिलेगा। उन्होंने पात्र उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र या संबंधित कार्यालय से संपर्क कर योजना की पूरी जानकारी प्राप्त करें और समय रहते इसका लाभ उठाएं।

योजना के तहत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल की मूल राशि और अधिभार में नियमानुसार छूट दी जा रही है। बिजली कंपनी के अनुसार अब तक 8 लाख 61 हजार 38 सक्रिय उपभोक्ताओं ने योजना में पंजीयन कराया है। इन उपभोक्ताओं पर कुल 1,493 करोड़ रुपये का बकाया था, जिसमें 745.61 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई है, जबकि 85.22 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है।

आंकड़ों के मुताबिक 1 लाख 42 हजार 799 उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिल संबंधी मामलों का पूर्ण समाधान प्राप्त कर लिया है। इन उपभोक्ताओं को मूल राशि में 28.28 करोड़ रुपये और अधिभार में 50.60 करोड़ रुपये की छूट दी गई, जबकि उनसे 58.96 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ।

इसके अलावा योजना के तहत 3.58 लाख निष्क्रिय उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। इन्हें मूल राशि में 124.31 करोड़ रुपये और अधिभार में 40.76 करोड़ रुपये, यानी कुल 165.07 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई है। इस श्रेणी से अब तक 2.52 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ है।

बिजली कंपनी का कहना है कि योजना की अवधि तीन माह बढ़ाए जाने से उन हजारों पात्र उपभोक्ताओं को नया अवसर मिलेगा, जो अब तक किसी कारणवश योजना का लाभ नहीं ले सके थे। अब वे 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर बकाया बिजली बिल का निपटारा कर सकते हैं। वहीं, न्यायालयों में लंबित मामलों को भी योजना में शामिल किए जाने से बिजली बिल विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता खुल गया है।