रायपुर/नई दिल्ली । बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। ईडी अब विकास गर्ग को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी कोर्ट से उसकी रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूरे वित्तीय नेटवर्क और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में पूछताछ की जा सके। आपको बता दे गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग, उसके परिवार और उसके स्वामित्व व नियंत्रण वाली कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट (अस्थायी कुर्की) के तहत जब्त किया था।
कुर्क की गई संपत्तियों में दिल्ली स्थित आलीशान आवास, गोवा और नैनीताल की अचल संपत्तियां, विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि और Ebix कंपनी में 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी शामिल है। ईडी का दावा है कि विकास गर्ग ने महादेव बेटिंग नेटवर्क से प्राप्त कथित अवैध धन का इस्तेमाल कर विभिन्न कंपनियों और कारोबारों में बड़े पैमाने पर निवेश किया। जांच में सामने आया है कि वह विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड का प्रमोटर है। एजेंसी के मुताबिक, एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के जरिए उसने EbixCash में करीब 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की और इसके लिए कथित तौर पर बेटिंग सिंडिकेट से प्राप्त धन का इस्तेमाल किया।

जांच एजेंसी का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित रकम को पहले शेल कंपनियों और फर्जी एंट्री ऑपरेटरों के जरिए कई स्तरों पर घुमाया गया, ताकि उसकी वास्तविक पहचान छिपाई जा सके। बाद में इसी धन को शेयर बाजार, रियल एस्टेट, कॉरपोरेट अधिग्रहण और अन्य निवेशों में लगाया गया। ईडी के अनुसार महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध कमाई करता था। यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम पर संचालित होता था, जिसमें देशभर में फैले एजेंट ऑनलाइन सट्टा खिलाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन करते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा प्रभावशाली लोगों और भ्रष्ट लोकसेवकों तक भी पहुंचाया जाता था।
👉देश से विदेश तक फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी देशों से किया जा रहा था। इस मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर से हुई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसका नेटवर्क देश-विदेश तक फैला मिला। फिलहाल इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई दोनों एजेंसियां कर रही हैं। अब तक 66 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
👉मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार
महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान में फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, श्रीलंका में महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े 150 भारतीय युवकों को हाउस अरेस्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
👉ईडी की जांच और तेज
विकास गर्ग की गिरफ्तारी को महादेव बेटिंग ऐप मामले में ईडी की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध धन का निवेश किन-किन कंपनियों और क्षेत्रों में किया गया तथा इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
