CG : CM के गृह जिले में अंधविश्वास की बलि चढ़ी महिला, विधवा बहू को टोनही बताकर जेठ ने पीट पीटकर ले ली जान, आरोपी गिरफ्तार …

जशपुर। जशपुर जिले में अंधविश्वास एक बार फिर खूनी वारदात की वजह बना है। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के डूंगरजोर गांव में एक विधवा महिला को टोनही बताकर उसके जेठ ने डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या की इस वारदात के बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जशपुर जिले में घटित यह घटना प्रदेश में अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिस के मुताबिक डूंगरजोर गांव निवासी सुखसिंह राठौर सोमवार सुबह अपनी विधवा बहू नवीना राठौर के घर पहुंचा। आरोप है कि उसने बेवा बहू नवीना पर जादू-टोना कर परिवार के लोगों की मौत का कारण बनने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। जब नवीना ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने पास में पड़े डंडे से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा और अन्य वैधानिक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। वारदात के बाद घर में छिपे आरोपी सुखसिंह राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पत्थलगांव के एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी के परिवार में पिछले कुछ समय के दौरान उसकी मां, भाई और नाती की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। आरोपी इन मौतों के लिए नवीना राठौर को जिम्मेदार मानता था और उस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाता था। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी टोनही और जादू-टोना जैसी कुप्रथाओं के कारण महिलाओं को प्रताड़ित करने और उनकी हत्या तक की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

सामाजिक जागरूकता और कानून होने के बावजूद अंधविश्वास की जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि गांव-गांव तक जागरूकता अभियान, शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना भी जरूरी है।