दिल्ली। शेयर बाजार और वेदांता ग्रुप के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वेदांता ग्रुप के कई बड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े मामले में की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक ED को विदेशी लेनदेन में गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन की आशंका है। सोमवार से शुरू हुई यह तलाशी कार्रवाई कई स्थानों पर लगातार जारी है और जांच एजेंसी को बड़े खुलासों की उम्मीद है।
👉लिस्टिंग से पहले लगा बड़ा झटका
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वेदांता ग्रुप अपनी 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग की तैयारी में जुटा हुआ है। हाल ही में कंपनी को अपने डीमर्जर प्लान के लिए सिक्योर्ड लेनदारों से मंजूरी मिली थी।
इस प्लान के तहत वेदांता को 5 अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में बांटा जाना है, जिनमें से 4 कंपनियों की लिस्टिंग इसी महीने प्रस्तावित थी। ऐसे में ED की कार्रवाई से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है और बाजार में इसका असर देखने को मिल सकता है।
👉विदेशी लेनदेन पर उठे सवाल
ED अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं FEMA नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशों में अवैध तरीके से पैसा ट्रांसफर तो नहीं किया गया या विदेशी संपत्तियां तो नहीं बनाई गईं। हालांकि एजेंसी की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
👉पहले भी विवादों में रह चुका है वेदांता
वेदांता ग्रुप इससे पहले भी कई विवादों में घिर चुका है। अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट हादसे में 20 से ज्यादा मजदूरों की मौत के बाद अनिल अग्रवाल समेत कंपनी की टॉप लीडरशिप पर FIR दर्ज हुई थी।
इसके अलावा हाल ही में ओडिशा (Vedanta Group) में बिना अनुमति नदी और नहर से पानी लेने के आरोप में वेदांता एल्युमीनियम पर 233.11 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। अब ED की इस कार्रवाई ने कंपनी और निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
