KORBA : उर्जानगरी की राखड़ पहुँची दिल्ली ! पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मानिकपुर OCM में फ्लाई ऐश का ‘पहाड़ ‘बनाने का लगाया आरोप , कोयला मंत्री से की उच्च स्तरीय जांच की मांग …

कोरबा। मानिकपुर ओपन कास्ट माइंस (OCM) में फ्लाई ऐश (राखड़) के कथित अनियंत्रित संचयन का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र लिखकर पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मानिकपुर खदान क्षेत्र में वैज्ञानिक बैकफिलिंग के बजाय फ्लाई ऐश के बड़े-बड़े खुले ढेर बनाए जा रहे हैं। तेज हवाओं के कारण राखड़ के सूक्ष्म कण आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने SECL द्वारा मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट में जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने पूछा कि यदि फ्लाई ऐश प्रबंधन पूरी तरह वैज्ञानिक है, तो एयर क्वालिटी रिपोर्ट, पीएम-10 और पीएम-2.5 डेटा तथा किसी स्वतंत्र एजेंसी की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?

जयसिंह अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि SECL ने फ्लाई ऐश भराव कार्य बंद होने की बात कही है, जबकि हाल ही में लिए गए फोटो और वीडियो इसके विपरीत स्थिति दर्शाते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि करोड़ों घनमीटर फ्लाई ऐश का असर आने वाले वर्षों में भू-जल, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पर्यावरण विशेषज्ञों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वतंत्र तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों वाली समिति गठित की जानी चाहिए।

पूर्व मंत्री ने कहा कि यह केवल एक खनन परियोजना का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा जनहित का विषय है। उन्होंने जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराने की भी पेशकश की है।