0 FIR में नामजद 8 आरोपियों की खुली कुंडली!,ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने दर्ज कराया मुकदमा
0क्या ‘बड़ी मछलियों’ को बचाने के लिए रची जा रही है चक्रव्यूह?
अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जमीन घोटाले को लेकर उपजा आक्रोश अब गिरफ्तारियों और कड़े सियासी संग्राम में बदल चुका है। विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने आधिकारिक तौर पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए 3 मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है, जबकि 5 अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

👉 ये हैं वो 8 नामजद आरोपी, जिन पर दर्ज हुई FIR
नये खुलासे के मुताबिक, एफआईआर में जिन 8 आरोपियों को सीधे तौर पर नामजद किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

रामशंकर यादव (टिन्नू) —
(गिरफ्तार)
लवकुश मिश्रा — (गिरफ्तार)
अनुकल्प मिश्रा — (गिरफ्तार)
अविनाश शुक्ला
मनीष यादव
रमाशंकर मिश्रा
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
करुनेश पांडेय
(नोट: टिन्नू, लवकुश और अनुकल्प की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी 5 पुलिस की हिरासत में हैं)
👉 7 जून को फूटा था घड़े का पाप, 13 दिन में SIT ने सौंपी रिपोर्ट
बता दें कि चढ़ावा चोरी का यह शर्मनाक मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। चौतरफा दबाव के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने 13 जून को जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने महज 10 दिनों के भीतर 23 जून को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
👉प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक चमकी 150 सेवादारों की किस्मत
सूत्रों के मुताबिक, जांच में जो सच सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है। दानपात्रों की चाबियां मुख्य आरोपी टिन्नू के पास मिली थीं। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ठीक बाद अचानक रातों-रात अकल्पनीय बदलाव आया। इस मामले में इन कर्मचारियों पर सेवक द्वारा चोरी (धारा 306 BNS) जैसी कड़ी धाराओं में केस दर्ज है, जिसमें 7 साल तक की जेल का प्रावधान है।
👉 चंपत राय पर विपक्ष का सीधा वार: “बड़ी मछलियों को बचाने का खेल”
भले ही पुलिस छोटे प्यादों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन विपक्ष ने सीधे तौर पर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों पर निशाना साधा है। दरअसल, पूर्व में सूत्रों से आई जानकारी के अनुसार SIT ने चंपत राय (महासचिव), ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को अपनी जांच के घेरे में लिया था।
इसी को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा है:
”भाजपा राज में नाइंसाफ़ी की दिखेगी ये झांकी, फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफ़ी!”
अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाया कि जनता का मानना है कि SIT के बहाने पहले ही सारे सबूत साफ कर दिए गए ताकि यह तय किया जा सके कि किन ‘बड़ी मछलियों’ को बचाना है और किसे फंसाना है।
👉 संजय सिंह ने SIT को सौंपे 11 पुख्ता सबूत, पूछा— मुख्य आरोपियों के नाम FIR में क्यों नहीं?
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह भी इस घोटाले को लेकर आर-पार के मूड में हैं। गुरुवार सुबह 11 बजे वे सीधे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के दफ्तर पहुंचे और करीब 12 मिनट की मुलाकात में जमीन घोटाले से जुड़े 11 पुख्ता दस्तावेज सौंपे।
दफ्तर से बाहर निकलते ही संजय सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि चंपत राय पर जमीनों और चढ़ावे से जुड़े घोटालों के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने सीधे सवाल उठाया कि क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे बड़े आरोपियों के नाम मुख्य एफआईआर में दर्ज हैं या नहीं, यह सरकार को तुरंत साफ करना चाहिए।
