UP : राम मंदिर चढ़ावा चोरी , अनुमान से कई गुना ज्यादा हो सकती है चोरी की राशि ,अनुकल्प से प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही बुन दिया जाल …

अयोध्या। रामलला की चढ़ावा चोरी आशंकाओं से कई गुणा अधिक हो सकती है। अभी तक की पटकथा के अनुसार चढ़ावा चोरी का सिलसिला गत वर्ष के आरंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के बाद शुरू हुआ। यह आशंका चढ़ावा चोरी के मास्टर माइंड अनुकल्प मिश्र के राम मंदिर की व्यवस्था में शामिल होने से जुड़ी है। सामान्य धारणा यह है कि अनुकल्प मिश्र और उसके साथ चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपित अन्य लोग श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ चढ़ावा बढ़ने पर कैश मैनेजमेंट के नए प्रबंध के तहत राम मंदिर की व्यवस्था से जुड़े। जबकि सच यह है कि अनुकल्प 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व ही मंदिर की व्यवस्था से जुड़ गया था।

सूत्रों के अनुसार अनुकल्प राम मंदिर के शिखर पर झंडा फहराने की रस्म, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के वर्षगांठ समारोह और दीपोत्सव जैसे अहम कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोगी के रूप में शामिल होने लगा। समझा जाता है कि अपने लक्ष्य और प्रकृति के अनुरूप अनुकल्प ने तभी से रामजन्मभूमि परिसर में अपने कारनामों के लिए संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दीं।

प्रभाव में उत्तरोत्तर वृद्धि के साथ उसने मंदिर परिसर की व्यवस्था में अविनाश, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र तथा करुणेश पांडेय को भी जोड़ लिया। …और जब कैश मैनेजमेंट के लिए एसबीआई की ओर से हायर की गई प्राइवेट एजेंसी से जुड़ने की बारी आई, तब अनुकल्प को अपनी साध पूरी होती दिखी और उसने अपने साथियों को भी कैश मैनेजमेंट के काम से जोड़वा दिया।