राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस : अब तक ₹ 79,85,493 रुपये बरामद. टिन्नू यादव समेत 8 आरोपी भेजे गए जेल,प्रकरण में पूरे देश की टिकी है नजर

उत्तरप्रदेश । अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को अदालत में पेशी के बाद जेल भेजा जा रहा है.

इस दौरान आरोपियों को ले जाए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से अब तक 79 लाख 85 हजार 493 रुपये की भारी-भरकम राशि बरामद की है. इस मामले में सोमवार को सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां से पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई बढ़ाएगी.

👉करीब 80 लाख रुपये की बड़ी बरामदगी

जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के ठिकानों और उनके पास से कुल 79,85,493 रुपये (लगभग 80 लाख रुपये) बरामद किए हैं. दान के पैसों की इतनी बड़ी रिकवरी को इस केस में पुलिस की बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कुल 8 आरोपियों में से 7 आरोपियों के पास से ही पैसों की बरामदगी हुई है. इन सात लोगों के अलग-अलग ठिकानों से चोरी की गई राशि के हिस्से बरामद किए गए हैं.

👉रिटायर्ड बैंक कर्मी का क्या है रोल?

इस मामले में गिरफ्तार एक प्रमुख आरोपी और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव के पास से पुलिस को कोई कैश या अमाउंट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि भले ही सुभाष श्रीवास्तव के पास से सीधे तौर पर पैसे न मिले हों. लेकिन वे इस पूरी चोरी और वित्तीय हेरफेर के मुख्य षड्यंत्र में शामिल थे.

👉सोमवार को फिर होगी कोर्ट में पेशी

सभी 8 आरोपियों को फिलहाल जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है. आने वाले सोमवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा. इस दौरान पुलिस कोर्ट से आरोपियों की आगे की रिमांड या कानूनी कस्टडी की मांग कर सकती है ताकि मामले से जुड़े कुछ और अहम सुराग और बचे हुए पैसों का पता लगाया जा सके.

👉किन-किन लोगों का है FIR में नाम?

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ाए गए चंदे और चढ़ावे की रकम में हुई कथित हेराफेरी के मामले में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष चंद्र, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा का नाम शामिल है. ये पूरी कार्रवाई एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर की गई है.

बता दें कि इस बड़े विवाद के सामने आने और इन 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद से ही राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं जिसके बाद इस मामले में लगातार राजनीतिक और कानूनी सरगर्मी बढ़ती जा रही है.