एजेंसी । बारिश का मौसम आते ही जगह-जगह पानी जमा होने लगता है। यही जमा पानी मच्छरों के पनपने की बड़ी वजह बनता है। मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर और आसपास साफ-सफाई रखने के साथ मच्छरों की रोकथाम करना बेहद जरूरी है।
मच्छरों से बचने के लिए बाजार में कई तरह के स्प्रे और लिक्विड उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ आसान घरेलू उपायों और सावधानियों के जरिए भी मच्छरों की संख्या को कम किया जा सकता है।
👉मच्छरों से फैलती हैं कई गंभीर बीमारियां

मच्छर सिर्फ नींद खराब करने वाले कीड़े नहीं हैं। संक्रमित मच्छर के काटने से कई गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।
- मलेरिया
मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में मलेरिया गंभीर होकर जानलेवा भी हो सकता है। - डेंगू
डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना और कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है।
गंभीर मामलों में डेंगू खतरनाक रूप ले सकता है। इसलिए तेज बुखार होने पर बिना जांच के खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
- जीका वायरस
जीका वायरस का संक्रमण कई बार बिना किसी लक्षण के भी हो सकता है। लक्षण दिखाई देने पर बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते और आंखों में लालिमा जैसी समस्या हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं के लिए जीका संक्रमण विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है।
- पीत ज्वर
पीत ज्वर यानी येलो फीवर भी संक्रमित मच्छर के काटने से फैलने वाली वायरल बीमारी है। इसमें बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और जी मिचलाने जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में पीलिया होने के कारण त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ सकता है। - चिकनगुनिया
चिकनगुनिया भी एडीज मच्छरों के जरिए फैलता है। इसमें अचानक तेज बुखार के साथ जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान हो सकती है। कई लोगों में जोड़ों का दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है।
👉मच्छरों को घर से दूर रखने के लिए क्या करें ?
- मच्छरों से बचने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें मारने से ज्यादा उनकी ब्रीडिंग रोकना है। इसके लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- गमलों, कूलर, टायर, बाल्टी और अन्य बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें।
- पानी की टंकियों और कंटेनरों को ढककर रखें।
- खिड़की और दरवाजों पर मच्छररोधी जाली लगाएं।
- शाम और सुबह के समय शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- जरूरत के अनुसार मच्छर भगाने वाले सुरक्षित उत्पादों का इस्तेमाल करें।
- घर और आसपास नियमित सफाई रखें।
👉नीम का तेल और कपूर कितना कारगर ?
मच्छरों को दूर रखने के लिए नीम के तेल और कपूर का घरेलू तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इनकी तेज गंध मच्छरों को कुछ हद तक दूर रखने में मदद कर सकती है, लेकिन इन्हें डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया से बचाव का पक्का उपाय नहीं माना जा सकता। कपूर या किसी तेल को जलाते समय आग और धुएं से होने वाले नुकसान का भी ध्यान रखना चाहिए। खासकर बच्चों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों के आसपास ज्यादा धुआं करने से बचना चाहिए।
👉जमा पानी को लेकर रहें सबसे ज्यादा सतर्क
बारिश के मौसम में मच्छरों की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दिया जाए। छोटे से कंटेनर या गमले में जमा पानी भी मच्छरों के लिए प्रजनन की जगह बन सकता है। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में बहुत ज्यादा दर्द, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, अत्यधिक कमजोरी, खून आने या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
