हरियाणा । हरियाणा में 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच कर रही CBI अब तक दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि सस्पेंड IAS अधिकारी प्रदीप कुमार फरार बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी की नजर पांच अन्य IAS अधिकारियों पर भी है।

आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से राज्य सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों के फंड में हेराफेरी की गई। प्रदीप कुमार पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तैनाती के दौरान 169 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदीप कुमार ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर पंचकूला अदालत में 2 जुलाई को सुनवाई होनी है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
HSPCB से जुड़े गबन के मामले में, CBI ने 23 जून को बोर्ड के डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरव शर्मा को भी गिरफ़्तार किया था। उन पर नियमों का उल्लंघन करके प्राइवेट बैंकों में फ़ंड निवेश करने और इस तरह बोर्ड को ₹169.36 करोड़ का नुकसान पहुंचने का आरोप है। आरोप है कि इन फ़ंड्स को शेल कंपनियों में डायवर्ट किया गया था।
