CG : ट्रांसफर की कगार पर खड़े सहायक आयुक्तों ने सामाग्री – आपूर्ति मद के तहत जारी 22 करोड़ के फंड का किया बंदरबांट ! RTI में भ्रामक पत्राचार कर छुपाई महत्वपूर्ण जानकारी,CM HOUSE पहुंची शिकायत ,क्या नपेंगे जिम्मेदार या फाइलों में सिमट जाएगी शिकायत

हसदेव एक्सप्रेस न्यूज रायपुर । आश्रम -छात्रावासी बच्चों के भोजन ,फर्नीचर एवं बिस्तर के लिए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा सामाग्री एवं पूर्तियाँ मदान्तर्गत दी जाने फंड का बीते वित्तीय वर्ष 2025 -26 में बंदरबांट हुआ है। 33 जिलों को जारी 22 करोड़ 14 लाख के आबंटन में 16 जिलों में अनियमितता की विश्वसनीय सूत्रों से मिल रही सूचनाओं व संबंधित जिलों द्वारा वांक्षित जानकारी छुपाए जाने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंच गई है। मामले में जल्द जांच के आसार हैं।

प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की गई शिकायत के माध्यम से अवगत कराया गया है कि कार्यालय आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर, अटल नगर छत्तीसगढ़ के द्वारा सामाग्री और पूर्तियां मदांतर्गत् संचालित विभागीय आश्रम एवं छात्रावासों के लिए प्रति वर्ष सभी जिलों के कार्यालय सहायक आयुक्त को आबंटन जारी किया जाता है, उक्त आबंटन में आश्रम छात्रावासी बच्चों के लिए अति आवश्यक सामाग्रियों की आपूर्ति की जानी रहती है जिनमें भण्डार तथा कच्चा माल, गैर कार्यालयीन फर्नीचर, कपड़े तथा बिस्तर जैसी चीजें शामिल हैं । वित्तीय वर्ष 2025-26 में संयुक्त संचालक वित्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर, अटल नगर छत्तीसगढ़ के द्वारा सामाग्री और पूर्तियां मदांतर्गत् संचालित विभागीय आश्रम एवं छात्रावासों के लिए सभी 33 जिलों के लिए 22 करोड़ 14 लाख 10 हजार रू. का आबंटन जारी किया गया है।

👉इन प्रक्रियाओं की अनदेखी का आरोप

उक्त प्राप्त राशि में कलेक्टर अनुमोदन, राज्य भण्डार क्रय नियम के तहत् क्रय प्रक्रिया का पालन किए बगैर शासकीय धनराशि का बंदरबाट किए जाने विभागीय आश्रम छात्रावासों में स्तरहीन सामाग्रियों की आपूर्ति किए
जाने कई आश्रम छात्रावासों में सामाग्रियों की आपूर्ति न कर अधीक्षकों से फर्जी प्राप्ति पावती लेने संबंधी कई शिकायतें विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त हो रही है।

👉इन जिलों में गड़बड़ी का आरोप

जिसे दृष्टिगत रखते हुए कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बालोद, बलौदा बाजार, बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जांजगीर-चाम्पा, कांकेर, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, नारायणपुर, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में सामाग्री और पूर्तियां मद के अंतर्गत् प्राप्त आबंटन में विभागीय आश्रम छात्रावासों के लिए क्रय किए गए सामाग्रियों के स्टॉक पंजी, वितरण पंजी, देयक व्हाउचर, सक्षम अधिकारी के स्वीकृति आदेश, आश्रम छात्रावास अधीक्षकों के पावती व आश्रम छात्रावासों में प्रदाय किए गए सामाग्रियों के भौतिक सत्यापन प्रपत्र की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन इनमें से बालोद, बलौदा, बिलासपुर जैसे जिलों के यहां से पत्र व्यवहार ही नहीं हुआ तो वहीं शेष अन्य जिलों ने भ्रामक पत्र व्यवहार कर वांछित जानकारी छिपाई है जिसकी अपील आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास इन्द्रावती भवन अटल नगर नवा रायपुर के यहां की गई है जिसकी आज पर्यन्त सुनवाई तक नहीं की जा सकी है। स्थानांतरण की दहलीज पर खड़े प्रभारी सहायक आयुक्तों ने शासन के मंशा के विपरीत कार्य व्यवहार कर शासकीय धनराशि का जमकर बंदरबाट किया है। हमेशा की तरह विभाग के उच्च अधिकारियों का प्रश्रय मिलने की वजह से ये मनमाना कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।

👉गत वित्तीय वर्ष 2025 -26 में दंतेवाड़ा में हुआ था 54 लाख का बंदरबांट

इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में उक्त मद के अंतर्गत् पूर्व सेवा निवृत्त सहायक आयुक्त कल्याण सिंह मेश्राम के कार्यकाल में 54 लाख रू. के प्राप्त आबंटन में कलेक्टर अनुमोदन के बगैर सामाग्री क्रय कर कोषालय से कूटरचित प्रशासकीय स्वीकृति आदेश, देयक व्हाउचर प्रस्तुत कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाए जाने का आरोप लगा था जिस मामले में जांच आदेश के नाम पर महज खानापूर्ति की गई थी जिससे अन्य अफसरों का भी मनोबल बढ़ गया । हालाँकि डीएमएफ के 18 करोड़ रुपए के कूटरचित टेंडर के मामले में सेवानिवृत्ति के बाद भी तत्कालीन कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कल्याण सिंह मेश्राम व आनंद जी सिंह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई थी। दोनों पूर्व सहायक आयुक्तों की गिरफ्तारी के उपरांत उन्हें 40 दिन से अधिक समय तक जेल की हवा खानी पड़ी थी। तब जाकर बेल पर रिहा हुए थे।

👉पत्र प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर जांच की मांग

मुख्यमंत्री से पत्र प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बालोद, बलौदा बाजार, बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जांजगीर-चाम्पा, कांकेर, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, नारायणपुर, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में सामाग्री और पूर्तियां मद के अंतर्गत् प्राप्त आबंटन में विभागीय आश्रम छात्रावासों के लिए क्रय किए गए सामाग्रियों के व्यापक लोकहित में गुणवत्ता परीक्षण, बाजार दर, राज्य भण्डार क्रय नियम एवं कलेक्टर अनुमोदन का परीक्षण करते हुए भौतिक सत्यापन कराए जाने का अनुरोध किया गया है , ताकि राज्य शासन के जीरो टॉलरेंस नीति के प्रति आम जनमानस में विश्वास की भावना बनी रहे।

प्रमुख सचिव, आदिम जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर, नवा रायपुर , संचालक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास संचालनालय, इन्द्रावती भवन अटल नगर, नवा रायपुर को शिकायत की प्रतिलिपि दी गई है।

👉होगी जांच या फिर जांच आदेश निकाल निभाई जाएगी औपचारिकता

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सुशासन की सरकार में सामाग्री और पूर्ति मदान्तर्गत प्राप्त आबंटन में कराए गए करोड़ों के कार्यों की जांच होगी या पूर्व की शिकायतों की तरह जांच के नाम पर औपचारिकता का निर्वहन किया जाएगा। बीते वित्तीय वर्ष
नारायणपुर ,दंतेवाड़ा ,बीजापुर ,
सुकमा एवं सरगुजा जिले में कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी ),सामाग्री आपूर्ति मद ,संविधान के अनुच्छेद 275 (1) केंद्रीय मदान्तर्गत समेत अन्य मदों से प्राप्त फंड में क्रय (खरीदे ) सामाग्री ,मरम्मत तथा निर्माण कार्यों में अनियमितता को लेकर मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित खबरों को लेकर शासन की हो रही फजीहत से चिंतित अपर संचालक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर अटल नगर ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को 18 जुलाई 2025 को पत्र जारी कर अनियमितता के संबंध में 3 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन मांगा था। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहें कि संबंधित जिलों ने एक साल बाद भी प्रतिवेदन नहीं भेजा।आरटीआई से इसका खुलासा हुआ है। जो न केवल कलेक्टरों की मनमानी वरन शासन की छवि को जनमानस के बीच धूमिल करने जैसा कृत्य है।

गौरतलब हो कि अपर संचालक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर अटल नगर द्वारा कलेक्टरों को जारी पत्र में छ.ग. शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन ,नवा रायपुर अटल नगर का पत्र क्र.एफ 3 -16 /2025/25-1नवा रायपुर अटल नगर का दिनांक 18.07.2025 को जारी पत्र का संदर्भ दिया गया था । जिसमें कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रदेश के 5 जिलों नारायणपुर ,दंतेवाड़ा ,बीजापुर ,सुकमा एवं सरगुजा में जिले के छात्रावास /आश्रमों में सामाग्री क्रय ,मरम्मत एवं निर्माण कार्य में अनियमितता संबंधी मीडिया में प्रकाशित शिकायत के संदर्भ में शासन द्वारा जांच प्रतिवेदन चाहे जाने का उल्लेख था।