KORBA : नीट पेपर लीक प्रदर्शन मामले में दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में जिला युवा कांग्रेस एवं NSUI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया पुतला दहन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का तीखा हमला

कोरबा । देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, पेपर लीक की घटनाओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में दिल्ली में संसद मार्च कर रहे छात्रों पर किए गए पुलिस के बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में जिला युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, एवं जिला कांग्रेस कमेटी, कोरबा द्वारा पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में सुभाष चौक, कोरबा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि देश का युवा पिछले लगभग बीस दिनों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा था। छात्रों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि संसद के मानसून सत्र के प्रथम दिवस 20 जुलाई को वे संसद मार्च करेंगे और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाले लगातार पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। लेकिन लोकतंत्र में संवाद करने के बजाय केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज को लाठियों के बल पर दबाने का प्रयास किया।

जिला युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस देश का भविष्य युवा हैं, उसी देश में अपने भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों को अपराधियों की तरह सड़कों पर पीटा जा रहा है। भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों का अपराध क्या था? क्या रोजगार मांगना अपराध है? क्या निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग करना अपराध है? क्या शिक्षा मंत्री से जवाब मांगना अपराध है?

जिला युवा कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि आज देश का करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में दिन-रात मेहनत कर रहा है, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास पूरी तरह तोड़ दिया है। सरकार इन विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय युवाओं पर पुलिसिया दमन कर रही है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही की मानसिकता का परिचायक है।

कोरबा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। लगातार पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितताएं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बेरोजगारी ने युवाओं को निराश कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध करने वालों को पुलिस के डंडों से कुचलने का प्रयास कर रही है।

जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद चलता है। यदि सरकार अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय छात्रों पर बल प्रयोग करेगी, तो कांग्रेस पार्टी देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी।कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि देश का युवा अब डरने वाला नहीं है। लाठियों से आवाजें दबाई जा सकती हैं, लेकिन युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य की लड़ाई को समाप्त नहीं किया जा सकता। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अन्याय, दमन और तानाशाही के विरुद्ध लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी तथा छात्रों के सम्मान और उनके भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़ी रहेगी।
पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस अजा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण लाल कुर्रे, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मो. शाहिद, ब्लाक अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, पालूराम साहू, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, रोपा तिर्की, अर्चना उपाध्याय, पार्षद रवि चंदेल, रामगोपाल कुर्रे, मस्तूल सिंह कँवर, प्रदीप जैसवाल, आरिफ खान, मनहरण राठौर, संजू अग्रवाल, अंकित वर्मा, मो. राजा, ब्रिजभूशन प्रसाद, प्रदीप जैसवाल, तौफीक खान, देवीदयाल सोनी, नवीन कुकरेजा, निकिता खलखो, रजनी भारती, नीलू, मुश्कान, संगीता श्रीवास, राजेश यादव, दुर्गेश दिक्सेना, अनिल कुमार सिंह, पवन चौहान, रघुराज सिंह, सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवा दल तथा बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

👉जिला कांग्रेस कमेटी, कोरबा ने मांग की कि—

• केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें।

• देशभर में हुए सभी पेपर लीक मामलों की सर्वोच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

• छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

• शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं।

• युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।